महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने फिल्म जगत के कुछ मशहूर चेहरों पर सवाल उठाए हैं, खासकर उनके दुबई में रहने के फैसले पर। ठाकरे ने पूछा कि जो एक्टर्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ करते हैं, वे विदेश में क्यों बसते हैं।
मुंबई में MNS के छात्र विंग की 20वीं सालगिरह के मौके पर राज ठाकरे ने विवेक ओबेरॉय और आर. माधवन जैसे अभिनेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर ये सितारे वाकई देश की तरक्की और मौजूदा सरकार की नीतियों में विश्वास रखते हैं, तो उनका भारत के बाहर रहना कई सवाल खड़े करता है। ठाकरे ने यह भी जिक्र किया कि कुछ एक्टर्स, जिन्होंने सरकारी परियोजनाओं या बायोपिक में काम किया है, वे अपना मुख्य निवास विदेश में रखते हैं।
यह बयान फिल्म इंडस्ट्री पर ठाकरे के व्यापक आलोचना का हिस्सा है। उनका मानना है कि इंडस्ट्री के कई लोग सामाजिक मुद्दों पर बोलने से कतराते हैं, क्योंकि वे पब्लिक के गुस्से या ऑनलाइन ट्रोलिंग से डरते हैं।
फिल्म जगत के अलावा, ठाकरे ने NEET परीक्षा से जुड़े हालिया विरोध प्रदर्शनों जैसे मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने छात्र आंदोलन के प्रति सरकार के रवैये पर असहमति जताई और प्रशासनिक प्रक्रियाओं तथा विरोध प्रदर्शनों को संभालने के तरीके को लेकर जवाबदेही की मांग की।
राज ठाकरे के ये बयान भारतीय राजनीति और सामाजिक चर्चाओं में एक जाना-पहचाना विषय हैं। वे अक्सर सेलिब्रिटी प्रभाव, राष्ट्रीय पहचान और सरकारी नीतियों के मेल पर सवाल उठाते हैं। यह बहस इस बात पर केंद्रित है कि क्या सार्वजनिक हस्तियों को अपने देशभक्ति के बयानों और व्यक्तिगत जीवनशैली के बीच तालमेल दिखाना चाहिए, जो राष्ट्रीय राजनीतिक गलियारों में अक्सर चर्चा का विषय रहा है।
