विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही बस में **16** साल की किशोरी के साथ हुई गैंगरेप की घटना पर नाराजगी जताई है। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि बस बिना किसी जांच के कई पुलिस सीमाओं से गुजरी, जो सिस्टम की बड़ी विफलता है।
सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस दुखद घटना के बाद प्रशासनिक जवाबदेही पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं। उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि बिना किसी उचित चेकपोस्ट के, बस ने 47 किलोमीटर का सफर तय कर लिया और किसी भी पुलिस अधिकारी ने इसे रोकने की जहमत नहीं उठाई।
घटना का घटनाक्रम और जांच
जांच में सामने आया है कि पीड़िता को परी चौक से बहला-फुसलाकर बस में बैठाया गया था। यह बस कथित तौर पर मरम्मत के लिए सूरजपुर वर्कशॉप ले जाई गई थी, लेकिन ड्राइवर और कंडक्टर ने निजी इस्तेमाल के लिए इसका दुरुपयोग किया।
प्रशासन का एक्शन
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और दोनों आरोपियों (ड्राइवर और कंडक्टर) को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब पुलिस टीमें अलग-अलग अधिकार क्षेत्रों के साथ मिलकर साक्ष्य जुटाने में लगी हैं। फिलहाल, दिल्ली-एनसीआर में निजी बसों की निगरानी और उनके रूट को लेकर एक बड़ी बहस छिड़ गई है कि क्या मौजूदा सुरक्षा ढांचा यात्रियों के लिए पर्याप्त है या नहीं।
