जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ पुलिस द्वारा बदसलूकी का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद विपक्षी नेता Rahul Gandhi ने गृह मंत्रालय से सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की मांग की है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब बिगड़ गई, जब एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया कि एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) ने उनके साथ यौन उत्पीड़न किया। इस घटना के बाद से ही छात्र संगठनों और प्रदर्शनकारियों ने मौके पर धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि आरोपी अधिकारी के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए।
प्रशासन का पक्ष
दिल्ली पुलिस ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि घटना की जांच एक महिला अधिकारी की देखरेख में की जाएगी। हालांकि, प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की शुरुआती कार्रवाई बेहद धीमी रही है और वे अब गृह मंत्रालय से सीधे हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
विरोध का कारण
यह पूरा विरोध प्रदर्शन Election Commission of India की कार्यप्रणाली के खिलाफ चल रहा है। प्रदर्शनकारी Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar के खिलाफ अपनी नाराजगी जता रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों का यह भी कहना है कि पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर बदसलूकी की गई और उपकरणों को जब्त करने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं।
फिलहाल, यह मामला पूरी तरह से प्रशासनिक और राजनीतिक दायरे में है। 4 अक्टूबर, 2026 तक की स्थिति के अनुसार, इस घटना का शेयर बाजार या किसी कॉर्पोरेट इंडेक्स पर कोई सीधा असर नहीं देखा गया है।
