हॉस्पिटैलिटी दिग्गज Radisson Hotel Group ने भारत में अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने का ऐलान किया है। कंपनी 2030 तक अपने पोर्टफोलियो को 500 होटलों तक ले जाने की तैयारी कर रही है, जो छोटे शहरों के बाजार पर कब्जा जमाने की एक बड़ी रणनीति है।
भारत में 'बूस्टर' प्लान की तैयारी
Radisson Hotel Group ने अपने 'इंडिया बूस्टर' प्रोग्राम के तहत भारत में आक्रामक विस्तार की घोषणा की है। कंपनी वर्तमान में 146 प्रॉपर्टीज का संचालन कर रही है और इस साल के अंत तक यह आंकड़ा 150 के पार पहुंच जाएगा। कंपनी का मुख्य फोकस टियर-2 और टियर-3 शहरों पर है, जहां घरेलू पर्यटन की मांग में भारी उछाल देखा जा रहा है।
लिस्टेड कंपनियों के लिए क्यों है अहम?
यह समझना जरूरी है कि Radisson एक प्राइवेट कंपनी है और भारतीय शेयर बाजारों में लिस्टेड नहीं है। यानी निवेशक सीधे इसके शेयर नहीं खरीद सकते। हालांकि, इसका विस्तार लिस्टेड कंपनियों जैसे The Indian Hotels Company Ltd (IHCL), Lemon Tree Hotels, Chalet Hotels, और EIH Ltd के लिए सीधी चुनौती पेश करेगा, क्योंकि ये सभी कंपनियां भी इन्ही छोटे शहरों में अपने पैर पसारने की दौड़ में हैं।
आंकड़ों की जुबानी
हाल ही में कंपनी ने अपनी पहली तिमाही में रेवेन्यू पर अवेलेबल रूम (RevPAR) में 14% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है। होटल इंडस्ट्री में RevPAR एक अहम पैमाना है जो कमाई की ताकत को दर्शाता है। हालांकि, महंगाई का दबाव और बढ़ता ऑपरेशनल कॉस्ट अब भी पूरी इंडस्ट्री के लिए एक चुनौती बनी हुई है।
ग्लोबल चुनौतियां और नई रणनीति
मिडिल ईस्ट और UAE में भू-राजनीतिक अस्थिरता का असर कंपनी के विदेशी ऑपरेशंस पर पड़ा है। वहीं, 'वेलकम इंडिया' पहल के जरिए कंपनी अंतरराष्ट्रीय हब में भारतीय पर्यटकों के लिए खास इंतजाम कर रही है। Radisson ने साफ कर दिया है कि फिलहाल भारत में लिस्टिंग का कोई इरादा नहीं है और वे पूरी तरह से ऑर्गेनिक ग्रोथ पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
