हॉस्पिटैलिटी दिग्गज Radisson Hotel Group ने भारत में अपने कारोबार के विस्तार का रोडमैप तैयार कर लिया है। कंपनी ने 2030 तक देश भर में 500 होटलों का नेटवर्क बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसका सीधा असर भारतीय लिस्टेड होटल कंपनियों पर भी पड़ेगा।
विस्तार की नई योजना
Radisson Hotel Group ने आने वाले सालों में अपनी मौजूदगी को दोगुना से भी ज्यादा करने की तैयारी कर ली है। वर्तमान में कंपनी के पास भारत में 146 होटल हैं, और अगले 4 सालों में 250 नई प्रॉपर्टीज जोड़ने का लक्ष्य है। कंपनी अब अपना पूरा ध्यान बड़े टियर-1 और टियर-2 शहरों की ओर शिफ्ट कर रही है, जहां बिजनेस और ट्रैवल की डिमांड तेजी से बढ़ रही है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
Radisson एक प्राइवेट कंपनी है, जिसे चीन की Jin Jiang International Holdings कंट्रोल करती है, इसलिए इसमें सीधे निवेश का मौका नहीं है। हालांकि, इसकी आक्रामक रणनीति भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की मजबूती को दर्शाती है। कंपनी अपने विस्तार के लिए 'एसेट-लाइट मॉडल' अपना रही है, जिसमें 95% प्रॉपर्टीज स्थानीय पार्टनर तैयार करेंगे, जबकि Radisson केवल ब्रांडिंग और मैनेजमेंट संभालेगी।
लिस्टेड कंपनियों पर असर
बाजार में बढ़ती इस प्रतिस्पर्धा का सीधा असर इंडियन होटल्स (IHCL), EIH (Oberoi), Lemon Tree Hotels और Chalet Hotels जैसी लिस्टेड कंपनियों पर पड़ सकता है। बड़े शहरों में कमरों की सप्लाई बढ़ने से प्राइसिंग वॉर का खतरा भी हो सकता है, जो सेक्टर के मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।
निवेशकों को अब इन कंपनियों के ऑक्यूपेंसी रेट, एवरेज डेली रेट्स (ADR) और रेवेन्यू पर उपलब्ध कमरा (RevPAR) जैसे अहम आंकड़ों पर बारीक नजर रखनी चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि बढ़ती सप्लाई के बीच मुनाफा बना रहता है या नहीं।
