तमिलनाडु विधानसभा में चेन्नई ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट को लेकर गरमागरम बहस के बीच RPP Infra Projects के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने कंपनी का **₹205.89 करोड़** का वर्क ऑर्डर टर्मिनेट कर दिया है, जिससे कंपनी के ऑर्डर बुक पर सीधा असर पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला?
हाल ही में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा सत्र में चेन्नई ग्लोबल स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट के भविष्य को लेकर काफी चर्चा रही। जहां विपक्षी दल प्रोजेक्ट के बंद होने की अटकलें लगा रहे थे, वहीं सरकार ने इसे खारिज करते हुए साफ किया कि प्रोजेक्ट बंद नहीं हुआ है। इसके बजाय, इसे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक मानकों के अनुरूप अपग्रेड किया जा रहा है ताकि इसमें 42 अलग-अलग खेलों के लिए सुविधाएं दी जा सकें।
RPP Infra Projects के लिए बड़ा झटका
इस बदलाव की सबसे बड़ी कीमत RPP Infra Projects Ltd को चुकानी पड़ी है। 27 अगस्त 2026 को कंपनी ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को जानकारी दी कि Sports Development Authority of Tamil Nadu (SDAT) ने उनका ₹205.89 करोड़ का वर्क ऑर्डर टर्मिनेट कर दिया है। यह कंपनी की कुल ऑर्डर बुक का एक बड़ा हिस्सा है, जिससे भविष्य में कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
निवेशकों के लिए जोखिम (Investor Risk)
अचानक हुए इस कॉन्ट्रैक्ट टर्मिनेशन ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल अनिश्चितता का माहौल है क्योंकि:
- रेवेन्यू पर असर: कंपनी को रेवेन्यू रिकग्निशन में देरी का सामना करना पड़ सकता है।
- एग्जीक्यूशन रिस्क: सरकार द्वारा प्रोजेक्ट का दायरा बढ़ाकर इसे ओलंपिक स्तर का बनाने से काम की जटिलता बढ़ेगी।
- भविष्य के टेंडर: क्या RPP Infra Projects दोबारा इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए बोली लगा पाएगी, यह अभी तक साफ नहीं है।
अब शेयरधारकों की नज़र कंपनी के अगले आधिकारिक बयानों और किसी भी कानूनी या वित्तीय रिकर्स (Recourse) पर टिकी है। इसके अलावा, नए ऑर्डर्स के बारे में एक्सचेंज फाइलिंग भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होगी ताकि इस नुकसान की भरपाई का पता चल सके।
