Reliance Industries (RIL) ने अगले 5 सालों में अपना EBITDA दोगुना करने का रोडमैप तैयार किया है। कंपनी 2032 तक **$150 बिलियन** के एक्सपोर्ट का लक्ष्य लेकर चल रही है। साथ ही, RIL अपनी डिजिटल इकाई Jio Platforms के IPO की तैयारी कर रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व ग्रीन एनर्जी (Green Energy) के कारोबार को बढ़ा रही है।
RIL की भविष्य की योजनाएं
Reliance Industries Limited (RIL) ने अपनी वित्तीय क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक लंबी अवधि की ग्रोथ स्ट्रैटेजी पेश की है। कंपनी का लक्ष्य अगले पांच सालों में अपने कंसोलिडेटेड EBITDA को दोगुना से भी ज्यादा करना है। इसके साथ ही, RIL अपने एक्सपोर्ट को भी बढ़ाना चाहती है, जिसका लक्ष्य 2032 तक $125-150 बिलियन तक पहुंचने का है। यह कदम कंपनी को डिजिटल सर्विसेज, रिटेल और न्यू एनर्जी (New Energy) के क्षेत्र में एक ग्लोबल प्लेयर के रूप में स्थापित करने की ओर इशारा करता है।
Jio Platforms का IPO और मजबूत नतीजे
RIL की डिजिटल इकाई, Jio Platforms, पब्लिक लिस्टिंग की तैयारी कर रही है और जल्द ही SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकती है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY26) में Jio Platforms ने ₹1,46,885 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल से 14.6% ज्यादा है। इसका EBITDA ₹76,255 करोड़ रहा, मार्जिन 51.9% रहा, और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹30,000 करोड़ के पार चला गया। 524 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स के साथ, Jio 2030 तक अपने सभी यूजर्स को 5G पर ले जाने की योजना बना रही है, जो इसे कंपनी का मुख्य डिजिटल इंजन बनाएगा।
रिटेल और कंज्यूमर सेक्टर में ग्रोथ
Reliance Retail रेवेन्यू का एक बड़ा स्रोत बनी हुई है। FY26 में इसने ₹3,70,026 करोड़ का ग्रॉस रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल से 11.8% अधिक है। रिटेल बिजनेस 20,160 स्टोर्स के माध्यम से संचालित होता है और इसने इस साल 1.93 बिलियन से ज्यादा ट्रांजेक्शन दर्ज किए। Reliance Consumer Products Ltd (RCPL) ने भी FY26 में अपने ग्रॉस रेवेन्यू को दोगुना करके ₹22,000 करोड़ कर लिया है। कंपनी अगले तीन सालों में AI-संचालित फूड पार्क्स बनाने के लिए ₹30,000 करोड़ का निवेश कर रही है।
AI और ग्रीन एनर्जी पर फोकस
RIL आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ग्रीन एनर्जी (Green Energy) जैसे नए ग्रोथ एरियाज में आक्रामक रूप से कदम रख रही है। कंपनी जैमनगर में एक सोवरेन AI इंफ्रास्ट्रक्चर (Sovereign AI Infrastructure) बना रही है, जिससे 2026 के अंत तक 120 MW कंप्यूट पावर मिलने की उम्मीद है। एनर्जी सेक्टर में, यह सालाना 20 GW सोलर कैपेसिटी और 40 GWh की बैटरी फैसिलिटी विकसित कर रही है। इन एनर्जी प्रोजेक्ट्स से FY27 से कमर्शियल रेवेन्यू मिलना शुरू हो जाएगा, जिसमें कच्छ हब ग्रीन एनर्जी उत्पादन का मुख्य केंद्र होगा।
चुनौतियां और पूंजी की जरूरत
हालांकि ये ग्रोथ प्लान्स काफी बड़े हैं, लेकिन इनमें भारी मात्रा में पूंजी की भी जरूरत होगी। RIL एक साथ AI, रिटेल और ग्रीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च कर रही है। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती इन बड़े प्रोजेक्ट्स को फंड करते हुए अपने बैलेंस शीट को मजबूत रखना होगा। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी अपने पुराने Oil-to-Chemicals (O2C) डिवीजन से होने वाले कैश फ्लो के मुकाबले कर्ज का प्रबंधन कैसे करती है, जो इन नई पहलों के लिए वित्तीय सहारा प्रदान करता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को Jio Platforms के IPO की फाइलिंग की तारीख पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह मार्केट वैल्यूएशन के लिए एक बड़ा इवेंट होगा। इसके अलावा, FY27 में नए एनर्जी प्रोजेक्ट्स का शुरू होना और AI से होने वाली कमाई की वास्तविक शुरुआत, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन के महत्वपूर्ण संकेतक होंगे। मार्केट पार्टिसिपेंट्स 5G माइग्रेशन की प्रगति और एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में अपेक्षित वृद्धि पर भी नजर रखेंगे।
