सरकार और RBI ने बैंक ग्राहकों को निशाना बनाने वाले नकली WhatsApp मैसेज को लेकर चेतावनी जारी की है। FY26 में बैंकिंग फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच निवेशकों को फिशिंग हमलों से सावधान रहने की ज़रूरत है।
क्या हुआ है?
सरकार और RBI ने WhatsApp पर धोखाधड़ी वाले मैसेज के खिलाफ एक ज़रूरी चेतावनी जारी की है। ये फ्रॉड मैसेज RBI का नाम इस्तेमाल करके लोगों को धोखा दे रहे हैं। स्कैमर्स अक्सर यह दावा करते हैं कि आपका बैंक अकाउंट संदिग्ध ट्रांज़ैक्शन से जुड़ा है और उसे ब्लॉक होने से बचाने के लिए तुरंत वेरिफिकेशन की ज़रूरत है। RBI ने साफ किया है कि वह केवल दो ऑफिशियल WhatsApp नंबरों - 9930991935 और 9999041935 - के ज़रिए ही संपर्क करता है। इन नंबरों के अलावा किसी भी चैनल से आने वाला मैसेज, खासकर जो फाइल डाउनलोड करने या तुरंत फाइनेंशियल डेटा मांगने के लिए कहा जाए, वह धोखाधड़ी वाला है।
निवेशकों को क्यों रहना चाहिए सतर्क?
यह चेतावनी निवेशकों और बैंक ग्राहकों के लिए सोशल इंजीनियरिंग हमलों की बढ़ती जटिलता को दर्शाती है। डिजिटल बैंकिंग, जो निवेश के प्रबंधन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, के लिए अकाउंट की सुरक्षा बेहद ज़रूरी है। ऐसे फिशिंग प्रयासों का मकसद बैंक खातों पर नियंत्रण पाना होता है, जिससे अनधिकृत ट्रांसफर या डेटा चोरी हो सकती है। RBI की यह चेतावनी याद दिलाती है कि कोई भी ऑफिशियल फाइनेंशियल संस्था कभी भी अनचाहे मैसेज भेजकर फाइल डाउनलोड करने या थर्ड-पार्टी लिंक के ज़रिए बैंकिंग डिटेल्स मांगने को नहीं कहेगी।
बैंकिंग फ्रॉड के ट्रेंड्स
फिशिंग एक लगातार बना रहने वाला खतरा है, लेकिन RBI की हालिया रिपोर्ट, जो FY26 के लिए है, बैंकिंग सुरक्षा के परिदृश्य को और भी स्पष्ट करती है। FY26 में बैंकों ने कुल 10,114 फ्रॉड के मामले दर्ज किए, जिनकी कुल वैल्यू ₹48,021 करोड़ थी। इनमें सबसे ज़्यादा असर सरकारी बैंकों पर पड़ा, जिनका हिस्सा कुल वैल्यू का 74.5% यानी ₹35,709 करोड़ था। हालांकि, रिटेल डिजिटल पेमेंट्स और कार्ड सेगमेंट में एक सकारात्मक ट्रेंड देखने को मिला है। इस कैटेगरी में फ्रॉड के मामलों में भारी कमी आई है, जो पिछले 13,332 मामलों से घटकर केवल 293 रह गए हैं, और कुल वैल्यू ₹517 करोड़ से घटकर ₹29 करोड़ हो गई है। यह दर्शाता है कि रिटेल डिजिटल ट्रांज़ैक्शन के लिए सुरक्षा उपाय लगातार ज़्यादा प्रभावी हो रहे हैं।
अपने फाइनेंशियल डेटा को कैसे सुरक्षित रखें?
निवेशकों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सक्रिय रवैया अपनाना चाहिए। सबसे पहले, मैसेजिंग ऐप्स पर भेजे गए अनऑफिशियल लिंक से कभी भी कोई APK फाइल या सॉफ्टवेयर अपडेट डाउनलोड न करें। दूसरा, किसी भी ऐसे मैसेज के स्रोत की पुष्टि ज़रूर करें जो बैंक या रेगुलेटर की ओर से होने का दावा करे। यदि कोई मैसेज आपके अकाउंट को बंद करने की धमकी देकर तात्कालिकता की भावना पैदा करता है, तो मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बजाय, अपने बैंक से सीधे उनके ऑफिशियल वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर के ज़रिए संपर्क करना सबसे अच्छा है। अंत में, यह याद रखें कि RBI मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के ज़रिए कभी भी आपकी पर्सनल बैंकिंग पासवर्ड, पिन या OTP नहीं पूछता है। इन आदतों को बनाए रखना वित्तीय संपत्ति को डिजिटल खतरों से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है।
