Quess Corp पर ₹160 करोड़ का इनकम टैक्स का शिकंजा! कंपनी बोली - 'हम लड़ेंगे!'

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Quess Corp पर ₹160 करोड़ का इनकम टैक्स का शिकंजा! कंपनी बोली - 'हम लड़ेंगे!'
Overview

Quess Corp Limited को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से एक बड़ा झटका लगा है। कंपनी को असेसमेंट ईयर **2022-23** के लिए **₹159.92 करोड़** का टैक्स डिमांड नोटिस मिला है।

टैक्स डिमांड का पूरा मामला

Quess Corp Limited ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया है कि उन्हें इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से एक फाइनल असेसमेंट (Final Assessment) और डिमांड ऑर्डर (Demand Order) मिला है। यह ऑर्डर 24 जनवरी 2026 को जारी हुआ था और कंपनी को 31 जनवरी 2026 को मिला। इसमें असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए कंपनी पर ₹159.92 करोड़ का भुगतान करने को कहा गया है।

डिमांड की वजह क्या है?

यह बड़ी टैक्स डिमांड इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की धारा 143(3) के तहत 144C(13) और 156 के तहत आई है। कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार, इस डिमांड की मुख्य वजह सेक्शन 80JJAA के तहत क्लेम किए गए डिडक्शन्स (Deductions) को डिसअलॉ (Disallow) करना है। इसके अलावा, कंपनी के कुछ अन्य ऑपरेशनल खर्चों (Operational Expenses) को भी डिसअलॉ किया गया है।

कंपनी का स्टैंड और आगे की रणनीति

Quess Corp Limited ने इस ऑर्डर को 'जोरदार तरीके से चुनौती' देने का ऐलान किया है। कंपनी का कहना है कि उनके पास इस मामले में मजबूत लीगल एडवाइस (Legal Advice) और कई पुराने अदालती फैसलों (Judicial Precedents) का सहारा है। मैनेजमेंट का भरोसा है कि वे टैक्स कानून की सही व्याख्या कर रहे हैं और उनका पक्ष कानूनी तौर पर टिकाऊ (Legally Defensible) है। कंपनी इस मामले में अपील (Appeal) दायर करने का अधिकार सुरक्षित रखती है और कानूनी प्रक्रिया का पूरा पालन करेगी।

पुराना विवाद, नई डिमांड?

यह ध्यान देने वाली बात है कि असेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए आया यह नोटिस, पिछले फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) FY 2016-17 से लेकर FY 2020-21 तक के एडजस्टमेंट्स (Adjustments) से काफी मिलता-जुलता है। Quess Corp Limited पहले से ही इनकम टैक्स ट्रिब्यूनल (Income Tax Tribunal) में इन पिछली डिमांड्स को चुनौती दे रही है। यह दिखाता है कि यह एक लगातार चलने वाला टैक्स विवाद (Tax Dispute) है और खास डिडक्शन क्लॉज़ (Deduction Clauses) की व्याख्या को लेकर टैक्स अथॉरिटीज के साथ चुनौती बनी हुई है।

निवेशकों के लिए रिस्क

हालांकि Quess Corp का मैनेजमेंट आश्वस्त है, ₹159.92 करोड़ की यह डिमांड एक बड़ी आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) है। अगर अपील सफल नहीं होती है, तो इसका कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) और कैश फ्लो (Cash Flows) पर सीधा असर पड़ सकता है। निवेशक (Investors) कंपनी द्वारा इस ऑर्डर को चुनौती देने की प्रक्रिया और चल रहे टैक्स लिटिगेशन (Tax Litigation) के किसी भी डेवलपमेंट पर कड़ी नजर रखेंगे।

कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर इस बारे में और जानकारी देने का वादा किया है। शेयरधारकों (Stakeholders) को अपील प्रक्रिया और संभावित फाइनेंशियल प्रोविजनिंग (Financial Provisioning) के संबंध में अपडेट्स की उम्मीद करनी चाहिए।

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