Punjab Solar Streetlights: गांवों में फैलेगा उजाला! ₹470 करोड़ की बड़ी स्कीम, जानें पूरी डिटेल्स

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AuthorAditya Rao|Published at:
Punjab Solar Streetlights: गांवों में फैलेगा उजाला! ₹470 करोड़ की बड़ी स्कीम, जानें पूरी डिटेल्स

पंजाब सरकार ने 'मुख्‍यमंत्री रोशन पंजाब योजना' के तहत राज्य के 13,000 गांवों में 3 लाख से ज़्यादा सोलर स्ट्रीटलाइटें लगाने का ऐलान किया है। ₹470 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में अब 70% पैसा राज्‍य सरकार देगी, जिससे ग्राम पंचायतों का बोझ कम होगा।

गांवों में रोशनी का नया दौर

पंजाब सरकार ने राज्य के ग्रामीण इलाकों में बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्लान पेश किया है। 'मुख्‍यमंत्री रोशन पंजाब योजना' के ज़रिए लगभग 13,000 गांवों में 3 लाख से अधिक LED-आधारित सोलर स्ट्रीटलाइटें लगाई जाएंगी। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹470 करोड़ रुपये है। इसका मकसद ग्रामीण कनेक्टिविटी, सुरक्षा को बेहतर बनाना और एनर्जी सस्टेनेबिलिटी को बढ़ावा देना है।

70% राज्‍य सरकार का योगदान

इस नई स्कीम के तहत, प्रोजेक्ट की लागत का 70% हिस्सा पंजाब सरकार उठाएगी, जबकि बाकी 30% राशि ग्राम पंचायतें देंगी। यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि स्थानीय ग्राम पंचायतों पर वित्तीय बोझ कम हो सके। पंजाब एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (PEDA) इस पूरे प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी होगी, जो वेंडरों के चुनाव से लेकर लंबी अवधि के मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट्स तक सब संभालेगी।

सोलर और LED सेक्टर के लिए बड़ा मौका

इस प्रोजेक्ट में 7 साल की मेंटेनेंस सपोर्ट भी शामिल है, जो वेंडरों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगा। रिन्यूएबल एनर्जी और LED मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए यह एक ज़बरदस्त बिज़नेस अपॉर्चुनिटी है। सोलर फोटोवोल्टाइक्स, LED कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग और रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर EPC सर्विस देने वाली कंपनियां इस टेंडरिंग प्रोसेस में हिस्सा ले सकती हैं।

चुनौतियां और आगे का रास्ता

हालांकि, प्रोजेक्ट के कामयाब एग्ज़िक्यूशन में कुछ चुनौतियां भी हैं। अलग-अलग और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में इसे लागू करना लॉजिस्टिक्स के लिहाज़ से मुश्किल हो सकता है। ग्राम पंचायतों से समय पर 30% कंट्रीब्यूशन मिलना और कॉन्ट्रैक्टर्स का 7 साल तक इन दूरदराज के इलाकों में लाइटिंग सिस्टम को मेंटेन रखना, ये सब ज़रूरी होगा। सोलर पैनल और LED कंपोनेंट्स की क्वालिटी भी लंबे समय तक चलने वाले मेंटेनेंस के लिए क्रिटिकल फैक्टर होगी।

अगले कदम के तौर पर, स्ट्रीटलाइटों की सप्लाई, इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस के लिए टेंडर्स जारी किए जाएंगे। इन डेवलपमेंट्स पर नज़र रखने से सोलर और रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनियों पर इस प्रोजेक्ट के असर का अंदाज़ा लगाया जा सकेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.