पंजाब पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया है। उनके पास से **4** हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल त्योहारों के दौरान अशांति फैलाने के लिए किया जाना था।
ऑपरेशन की पूरी कहानी
पंजाब लॉ एनफोर्समेंट ने सीमा पार से रची गई एक बड़ी आतंकी साजिश को वक्त रहते नाकाम कर दिया है। 6 अक्टूबर, 2026 को तरनतारन की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी और स्टेट काउंटर इंटेलिजेंस की एक संयुक्त टीम ने मारीमेघा गांव के पास दो लोगों को पकड़ा। तलाशी के दौरान इनके पास से 4 हैंड ग्रेनेड बरामद हुए।
कौन हैं पकड़े गए संदिग्ध?
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान धून गांव निवासी प्रिंसपाल सिंह और एक नाबालिग के रूप में हुई है। खालरा पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और फिलहाल दोनों से कड़ी पूछताछ जारी है, ताकि उनके नेटवर्क और विदेशी हैंडलर्स के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
किसका है हाथ?
इन्वेस्टिगेटर्स के अनुसार, ये गिरफ्तारियां प्रतिबंधित संगठन 'बब्बर खालसा इंटरनेशनल' के मॉड्यूल को तोड़ने की कोशिशों का हिस्सा हैं। इन साजिशों के तार विदेशी हैंडलर्स से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। हाल के महीनों में चंडीगढ़, अमृतसर और जालंधर जैसे इलाकों में ऐसी कई कोशिशों को पुलिस ने विफल किया है।
डीजीपी की चेतावनी
पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने स्पष्ट किया है कि काउंटर-इंटेलिजेंस यूनिट्स हाई अलर्ट पर हैं। त्योहारों के सीजन के मद्देनजर पूरे राज्य में स्लीपर सेल्स की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिए गए हैं, ताकि शांति-व्यवस्था बनी रहे।
