पंजाब के मानसा में एक्टिविस्ट Parvinder Singh Jhota की हत्या मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा फैसला लिया है। लगातार जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद, अब इस केस की जांच CBI को सौंप दी गई है।
पंजाब सरकार ने एक्टिविस्ट Parvinder Singh Jhota की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी है। मानसा में पिछले 1 हफ्ते से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है, क्योंकि पीड़ित परिवार और स्थानीय संगठनों ने सीबीआई जांच की मांग पूरी होने तक अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 13 अक्टूबर की है। Parvinder Singh Jhota अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो लाइव कर रहे थे, जिसमें वे एक केमिस्ट शॉप पर अवैध रूप से नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर दुकान के मालिक, अश्विनी कुमार, का विरोध कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया था।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
इस केस को संघीय एजेंसी को सौंपने के पीछे मुख्य मकसद जांच प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखना और कानून-व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बहाल करना है। स्थानीय स्तर पर अवैध ड्रग्स बिक्री और फार्मेसी के कामकाज में पारदर्शिता को लेकर काफी समय से सवाल उठ रहे थे।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों ने प्रशासन पर काफी दबाव बना दिया था। अब CBI के कमान संभालने के बाद, उम्मीद है कि उन गंभीर आरोपों की भी गहराई से जांच होगी, जिन्हें लेकर मृतक एक्टिविस्ट लगातार आवाज उठा रहे थे।
