पंजाब सरकार और एक्टिविस्ट Parvinder Singh Jhota के परिवार के बीच आखिरकार समझौता हो गया है। इस डील के साथ ही 23 दिनों से चल रहा गतिरोध समाप्त हो गया है, जिसमें सरकार ने **₹2 करोड़** का मुआवजा और परिवार को सरकारी नौकरी देने का वादा किया है।
पंजाब सरकार और जस्टिस कमेटी के बीच लंबी बातचीत के बाद एक व्यापक समझौता हुआ है, जिसने Parvinder Singh Jhota की मौत के बाद पैदा हुए तनाव को खत्म कर दिया है। इस फैसले के साथ ही संगरूर में मुख्यमंत्री आवास के बाहर होने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शनों को भी वापस ले लिया गया है।
मुआवजे और अन्य मांगों पर बड़ा फैसला
समझौते के तहत, राज्य प्रशासन ने परिवार को ₹2 करोड़ की आर्थिक मदद देने की प्रतिबद्धता जताई है। इसके अलावा, मृतक की पत्नी को डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय में सरकारी पद पर नौकरी दी जाएगी। सरकार ने खियाला गांव में एक मेमोरियल ट्रॉमा सेंटर बनाने और मानसा में प्रतिमा स्थापित करने की मांग को भी स्वीकार कर लिया है।
कानूनी राहत और जांच का स्टेटस
प्रदर्शन के दौरान एक्टिविस्ट के पिता और अन्य सदस्यों पर दर्ज किए गए कानूनी मामलों को वापस लेने पर भी सरकार सहमत हो गई है। हालांकि, मुख्य हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा जारी रहेगी। मृतक का पोस्टमार्टम, जो विरोध के कारण रुका हुआ था, अब 6 नवंबर को किया जाना तय हुआ है।
यह समझौता क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। फिलहाल, सभी की नजरें अब CBI जांच की प्रगति और सरकार द्वारा किए गए वादों के क्रियान्वयन पर टिकी हैं।
