पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात करने की मांग की है। उनका दावा है कि वर्तमान सुरक्षा उपाय तस्करी रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं, जिससे राज्य और केंद्र के बीच तनाव बढ़ता दिख रहा है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा ढांचे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 50 किलोमीटर के संवेदनशील दायरे में तत्काल प्रभाव से आधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात करने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर इन सुरक्षा अपग्रेड्स में देरी क्यों हो रही है।
तस्करी और सुरक्षा में चूक
मुख्यमंत्री का तर्क है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था आधुनिक तस्करी के तौर-तरीकों का मुकाबला करने में सक्षम नहीं है। लगातार सामने आ रही नशीले पदार्थों की खेप इस बात का प्रमाण है कि सर्विलांस सिस्टम में बड़ी खामियां हैं। उन्होंने Border Security Force (BSF) से अधिक तकनीकी रूप से मजबूत प्रतिक्रिया की मांग की है ताकि अवैध घुसपैठ को पूरी तरह रोका जा सके।
राजनीति और प्रशासनिक खींचतान
यह सार्वजनिक बयान केंद्र और पंजाब सरकार के बीच बढ़ती खाई को दर्शाता है। भगवंत मान ने केंद्र पर ड्रग संकट के राजनीतिकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों में ड्रग्स को लेकर केंद्र का रुख अलग-अलग होता है, जो सुरक्षा मामलों में निरंतरता की कमी को दिखाता है।
निवेशकों के लिए क्यों है जरूरी?
उत्तरी भारत में व्यापार करने वाले निवेशकों और कंपनियों के लिए यह तनातनी चिंता का विषय है। क्षेत्रीय आर्थिक स्थिरता और सामानों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कानून-व्यवस्था और सीमा प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण हैं। राज्य और केंद्र के बीच नीतिगत निर्णयों पर लगातार असहमति से स्थानीय बिजनेस माहौल में अनिश्चितता पैदा हो सकती है। भविष्य में सीमा सुरक्षा तकनीक पर केंद्र क्या कदम उठाता है और राज्य के साथ विवाद कैसे सुलझता है, यह क्षेत्रीय सुरक्षा आधुनिकीकरण की दिशा तय करेगा।
