पंजाब सरकार ने आखिरकार 1992-बैच के IPS अधिकारी गौरव यादव को पूर्णकालिक डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) नियुक्त कर दिया है। जुलाई 2022 से कार्यवाहक के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे गौरव यादव का कार्यकाल अब स्थायी हो गया है।
प्रशासनिक अनिश्चितता का अंत
पंजाब सरकार ने गौरव यादव को रेगुलर DGP नियुक्त करके राज्य की पुलिसिंग व्यवस्था में बनी प्रशासनिक अनिश्चितता को खत्म कर दिया है। 1992-बैच के IPS अधिकारी गौरव यादव जुलाई 2022 से ही इस महत्वपूर्ण पद पर कार्यवाहक (Officiating) के रूप में काम कर रहे थे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
यह नियुक्ति पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट की लंबे समय से चल रही निगरानी के बाद हुई है। अदालत ने राज्य सरकार की इस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे कि आखिर क्यों पुलिस जैसे महत्वपूर्ण महकमे में लंबे समय तक अस्थाई या 'एड-हॉक' व्यवस्था बनी हुई है। कोर्ट ने सरकार को 13 अक्टूबर 2026 की डेडलाइन दी थी, जिसके बाद सरकार ने इस प्रक्रिया में तेजी दिखाई और गौरव यादव के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी।
UPSC की भूमिका और चयन प्रक्रिया
पूरी चयन प्रक्रिया UPSC (यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन) के प्रोटोकॉल के तहत की गई। सरकार ने पहले 14 सीनियर IPS अधिकारियों के नाम भेजे थे। स्क्रीनिंग के बाद UPSC की एमपैनलमेंट कमिटी ने 3 नामों को शॉर्टलिस्ट किया था: गौरव यादव, शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू। इन्हीं में से गौरव यादव को चुना गया है।
निवेशकों के लिए जरूरी नोट
यह पूरी तरह से एक प्रशासनिक फेरबदल है। बाजार के लिहाज से देखें, तो इसका शेयर बाजार या किसी भी लिस्टेड कंपनी के कामकाज पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। NSE या BSE पर कारोबार करने वाले निवेशकों को स्पष्ट रहना चाहिए कि इस खबर का वित्तीय मार्केट से कोई लेना-देना नहीं है।
