पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी के दो सिटिंग विधायकों, चेतन सिंह जौरामाजरा और हरमीत सिंह पठानमाजरा ने इस्तीफा दे दिया है, क्योंकि उन्हें 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट से बाहर रखा गया था।
पंजाब के राजनीतिक गलियारों में 1 नवंबर, 2026 को बड़ी हलचल देखने को मिली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने जैसे ही 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए 40 उम्मीदवारों की अपनी पहली लिस्ट जारी की, वैसे ही बगावत शुरू हो गई। लिस्ट में नाम न होने से नाराज समाना के विधायक चेतन सिंह जौरामाजरा और सनौर के विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
इन विधायकों के साथ पूर्व विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। इन तीनों नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामेंगे। इस्तीफे के बाद इन नेताओं ने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं, विशेषकर ड्रग्स की समस्या, बढ़ते कर्ज और कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर असफलता का आरोप लगाया है।
AAP के लिए बढ़ी चुनौती
पटियाला और आसपास के इलाकों में अपनी पकड़ रखने वाले इन नेताओं का जाना पार्टी के लिए बड़ा झटका है। इससे 2027 के चुनावों के लिए AAP का कैंपेन मैनेजमेंट प्रभावित हो सकता है। विपक्ष अब इसे पार्टी के भीतर की आपसी अस्थिरता के तौर पर देख रहा है।
बाजार पर असर?
निवेशकों को यह समझना चाहिए कि यह पूरी तरह से एक राजनीतिक घटना है। इसका किसी भी लिस्टेड कंपनी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से कोई लेना-देना नहीं है। शेयर बाजार पर इस घटना का कोई असर नहीं पड़ेगा।
