नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों लोग NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन ने संसद तक जाने वाले जुलूस की इजाजत देने से इनकार कर दिया है और सुरक्षा कड़ी कर दी है। यह आंदोलन राष्ट्रीय परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही की मांग पर केंद्रित है।
जंतर-मंतर पर बढ़ा छात्रों का गुस्सा
रविवार, 19 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जमा हुई है। यह समूह सोमवार को संसद परिसर तक मार्च निकालने की योजना बना रहा है। उनकी मुख्य मांगें शिक्षा सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हैं। यह विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित गड़बड़ियों को लेकर है, जो भारत में मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्थानीय प्रशासन ने नई दिल्ली जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी जुलूस को संसद की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, क्योंकि यह क्षेत्र एक उच्च-सुरक्षा क्षेत्र है। व्यवस्था बनाए रखने के लिए, पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जो निर्दिष्ट स्थानों पर पांच या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाती है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी अनधिकृत मार्च पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और संभावित व्यवधानों को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
यातायात पर असर की चेतावनी
दिल्ली यातायात पुलिस ने संसद परिसर और जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में संभावित यातायात जाम और मार्ग प्रतिबंधों के बारे में यात्रियों को आगाह किया है। हालांकि यह विरोध राजनीतिक और सामाजिक प्रकृति का है, राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह के बड़े पैमाने पर आयोजन से मध्य दिल्ली के इलाकों में सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय व्यवसायों तक पहुंच सहित दैनिक संचालन प्रभावित हो सकते हैं। निवेशक और निवासी ऐसे विरोध प्रदर्शनों के दौरान यातायात में देरी और कड़ी सुरक्षा की उम्मीद कर सकते हैं।
किसका मिल रहा है समर्थन?
इस आंदोलन को विभिन्न सार्वजनिक हस्तियों, जिनमें कार्यकर्ता, अभिनेता और विभिन्न दलों के नेता शामिल हैं, के समर्थन से जोर मिला है। कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इस आयोजन को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांगों से जोड़ा है। प्रदर्शनकारियों के समर्थकों ने संसद में इन मुद्दों को उठाने के संबंध में राजनीतिक नेताओं के साथ चर्चा लंबित रहने तक जंतर-मंतर पर आंदोलन जारी रखने का इरादा व्यक्त किया है। आने वाले दिनों में मुख्य बात यह होगी कि क्या प्रदर्शनकारी मार्च के संबंध में पुलिस के निर्देशों का पालन करते हैं, साथ ही परीक्षा संबंधी चिंताओं पर शिक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं।
