Propshop Events IPO: शेयर लिस्टिंग पर ही **17%** धराशायी, जानें क्या है वजह

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Propshop Events IPO: शेयर लिस्टिंग पर ही **17%** धराशायी, जानें क्या है वजह

Propshop Events and Exhibitions का शेयर बाजार में डेब्यू निराशाजनक रहा। कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस **₹69** से **17.2%** नीचे बंद हुए, जिससे निवेशकों को शुरुआती झटका लगा।

Propshop Events and Exhibitions ने 3 अगस्त को NSE Emerge प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग की, लेकिन यह डेब्यू उनके लिए यादगार नहीं रहा। कंपनी के शेयर इश्यू प्राइस ₹69 के मुकाबले 17.2% की भारी गिरावट के साथ ₹57.15 पर बंद हुए। लिस्टिंग के दिन शेयर ₹55.20 पर खुले थे। यह कंपनी एग्जीबिशन बूथ सॉल्यूशंस बनाने का काम करती है, जिसका बिजनेस इवेंट्स पर आधारित होता है।

क्या IPO से पहले निवेशक ने बेच दिए शेयर?

लिस्टिंग वाले दिन ही, Krushnam Nexus Capital Scheme 1 ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी। मार्केट डेटा के मुताबिक, इस फंड ने 1.6 लाख शेयर, जो कि 1.09% इक्विटी स्टेक के बराबर है, ₹57.90 के औसत भाव पर बेच दिए। यह बिकवाली ऐसे समय हुई जब शेयर ट्रेडिंग के लिए खुला था, जिसने शुरुआती बिकवाली दबाव को और बढ़ा दिया। इस ट्रांजेक्शन से पहले, इस स्कीम के पास कंपनी में 1.26% स्टेक था।

गिरावट के बावजूद हुई खरीदारी

एक तरफ जहां शुरुआती निवेशक ने अपनी हिस्सेदारी बेची, वहीं दूसरी तरफ शेयर में भारी वॉल्यूम से खरीदारी भी हुई। डेटा के अनुसार, छह निवेशकों ने मिलकर 12.06 लाख शेयर खरीदे, जो कि 8.2% स्टेक के बराबर है। इसमें Neo Apex Share Broking Services ने ₹52.45 के भाव पर 2.68 लाख शेयर खरीदे, वहीं निवेशक Paliwal Mukesh ने ₹54.64 के भाव पर 1 लाख शेयर अपने नाम किए। अन्य खरीदारों में Moneymatrix Capital, Goldendunes Builders and Developers, Sajjan Kumar Patwari और YSK Family Trust जैसे नाम शामिल हैं।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

Propshop Events का लिस्टिंग पर प्रदर्शन, खासकर SME (Small and Medium Enterprise) सेगमेंट में लिस्टिंग की अस्थिरता को दर्शाता है। एग्जीबिशन और इवेंट सर्विस स्पेस में काम करने वाली कंपनी का भविष्य ऑर्डर मिलने और प्रोजेक्ट कॉस्ट मैनेजमेंट पर निर्भर करेगा। निवेशक कंपनी के तिमाही नतीजों पर नजर रख सकते हैं ताकि यह समझ सकें कि कंपनी मार्जिन बनाए रखने और लिस्टिंग के बाद एक मजबूत ऑर्डर बुक बनाने में कितनी सक्षम है। इश्यू प्राइस और लिस्टिंग डे क्लोज के बीच का अंतर शुरुआती मार्केट रिएक्शन को दिखाता है, जो आमतौर पर कंपनी के पहली बार लिस्टेड इकाई के रूप में वित्तीय परिणाम जारी करने के बाद स्थिर हो जाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.