हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की कंपनी Pride Hotels Group अपने पोर्टफोलियो को बढ़ाकर 7,341 कीज (Keys) तक ले जाने की योजना बना रही है। कंपनी इस विस्तार के लिए ₹400 करोड़ का बड़ा निवेश करेगी और इसके लिए जल्द ही अपना IPO भी लाने की तैयारी में है।
Pride Hotels Group ने आने वाले दो सालों में अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाने की योजना बनाई है। वर्तमान में 34 प्रॉपर्टीज के साथ काम कर रही यह कंपनी 4,100 से ज्यादा नए कमरे जोड़ने जा रही है, जिस पर ₹350 करोड़ से ₹400 करोड़ का खर्च आएगा। यह विस्तार मुख्य रूप से मिड-मार्केट और अपस्केल सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।
एसेट-लाइट मॉडल (Asset-Light Model) पर जोर
कंपनी अपनी ग्रोथ के लिए 'एसेट-लाइट' मॉडल का इस्तेमाल कर रही है। CEO सत्येन जैन के नेतृत्व में, कंपनी अब केवल खुद की जमीन खरीदकर होटल बनाने के बजाय मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दे रही है। इससे कंपनी को बिना बड़ी पूंजी खर्च किए अपने ब्रांड का विस्तार करने और फीस के जरिए कमाई करने में मदद मिलती है। कंपनी का फोकस लग्जरी सेगमेंट के बजाय मिड-मार्केट कैटेगरी पर है, जहां डिमांड ज्यादा स्थिर रहती है।
IPO की तैयारी और फाइनेंशियल फोकस
Pride Hotels ने SEBI से IPO के लिए मंजूरी ले ली है। प्रस्तावित पब्लिक इश्यू में ₹260 करोड़ का फ्रेश इक्विटी हिस्सा शामिल है। कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपनी 6 मौजूदा प्रॉपर्टीज के रेनोवेशन और कर्ज (Debt) को चुकाने के लिए करेगी। कर्ज कम करना कंपनी की पहली प्राथमिकता है ताकि बैलेंस शीट को बेहतर बनाया जा सके।
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करना जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि यह ट्रेवल डिमांड और इकोनॉमिक साइकिल पर बहुत ज्यादा निर्भर करता है। 34 प्रॉपर्टीज से 70 से ज्यादा प्रॉपर्टीज तक का सफर तय करने के लिए कंपनी को ऑपरेशनल मैनेजमेंट पर कड़ी नजर रखनी होगी। साथ ही, कंपनी का पूरा विस्तार प्लान काफी हद तक IPO की सफलता पर टिका है। अगर IPO में देरी होती है, तो रेनोवेशन और कर्ज कम करने की टाइमलाइन प्रभावित हो सकती है। निवेशकों को कंपनी की ऑफिशियल अनाउंसमेंट्स और IPO डेट पर पैनी नजर रखनी चाहिए।
