11 मार्च 2026 को, Premier Polyfilm Limited के प्रमोटर ग्रुप की एंटिटी, D L Millar & Co Ltd, ने 57,631 इक्विटी शेयर खरीदे। इस खरीदारी के बाद, कंपनी में उनकी कुल हिस्सेदारी 1,44,76,876 शेयरों तक पहुंच गई है, जो अब कंपनी की कुल इक्विटी का 13.82% है।
प्रमोटर्स की हिस्सेदारी में यह बढ़ोतरी आमतौर पर कंपनी के भविष्य के Prospects और बिजनेस स्ट्रैटेजी में मजबूत भरोसे का संकेत मानी जाती है। ऐसे कदम निवेशकों को प्रमोटर के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और वैल्यू क्रिएशन के प्रति कमिटमेंट का भरोसा दिलाते हैं।
यह पहली बार नहीं है जब D L Millar & Co Ltd ने स्टेक बढ़ाया है; प्रमोटर एंटिटी ने 4 फरवरी 2026 को भी शेयर खरीदे थे, जिससे उनकी हिस्सेदारी 13.32% से बढ़कर 13.41% हो गई थी। कुल मिलाकर, Premier Polyfilm में प्रमोटर की हिस्सेदारी हाल की तिमाहियों में लगभग 67.6% के आसपास स्थिर बनी हुई है।
कंपनी के फाइनेंस की बात करें तो Premier Polyfilm ने लचीलापन दिखाया है। पिछले पांच सालों में 33.1% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) और पिछले तीन सालों में 38.53% की शानदार प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी पर कर्ज भी बहुत कम है, जिसने अपने Borrowings को काफी कम किया है।
हालांकि, Premier Polyfilm को रेगुलेटरी जांच का सामना भी करना पड़ा है। दिसंबर 2024 में, SEBI ने कंपनी पर ₹3 लाख का जुर्माना लगाया था, क्योंकि उसने अप्रैल 2022 से मई 2023 के बीच Related-Party Transactions के लिए जरूरी अप्रूवल नहीं लिए थे। हाल ही में, फरवरी 2026 में, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने भी कंपनी पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया, जो कि 30 सितंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के लिए Related-Party Transaction की डिटेल्स देर से जमा करने के कारण था।
Premier Polyfilm प्लास्टिक प्रोडक्ट्स सेक्टर में काम करती है, जो Vinyl Flooring और Sheeting बनाती है। इसके मुख्य Competitors में Astral Limited, Supreme Industries Ltd., और Mayur Uniquoters Ltd. शामिल हैं, जो सभी बिल्डिंग मैटेरियल्स और प्लास्टिक प्रोडक्ट्स सेक्टर के बड़े खिलाड़ी हैं।
फाइनेंशियल ईयर 2025 के लिए, Premier Polyfilm ने $36 मिलियन का Consolidated Revenue रिपोर्ट किया। कंपनी ने FY25 के लिए 24.49% का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) बनाए रखा, और इसकी 5-साल की 33.1% CAGR प्रॉफिट ग्रोथ में मजबूत रही।
निवेशक अब कंपनी के भविष्य पर नजर रखेंगे, जिसमें प्रमोटर्स की ओर से किसी भी अतिरिक्त शेयर की खरीद या बिक्री, पिछली कंप्लायंस (Compliance) की समस्याओं को दूर करने के कंपनी के प्रयास, मार्केट शेयर विस्तार की रणनीति और प्रोडक्ट डेवलपमेंट का भविष्य के रेवेन्यू ग्रोथ पर प्रभाव शामिल है।