Pilibhit Voter List Row: वोटर लिस्ट में 10,470 अवैध नाम, दो अधिकारी सस्पेंड

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Pilibhit Voter List Row: वोटर लिस्ट में 10,470 अवैध नाम, दो अधिकारी सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के Pilibhit में चुनावी धांधली का बड़ा मामला सामने आया है। प्रशासन ने बिना जरूरी दस्तावेजों के दर्ज किए गए **10,470** अवैध वोटरों के खुलासे के बाद दो बड़े अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

चुनाव आयोग ने Pilibhit विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट में बड़ी गड़बड़ियों के बाद कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के निर्देश पर हुई जांच में 31 मई से 29 अगस्त 2026 के बीच दर्ज की गई 10,470 एंट्रीज को संदिग्ध पाया गया है। इन रजिस्ट्रेशन को बिना किसी वैध दस्तावेज के मंजूरी दी गई थी, जिससे डेटाबेस की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

प्रशासनिक कार्रवाई और जवाबदेही

स्थानीय वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर ने तय अवधि में कुल 13,779 फॉर्म-8 एप्लीकेशन प्रोसेस किए थे, जिनमें से अधिकांश बिना फिजिकल या डिजिटल रिकॉर्ड के ही पास कर दिए गए। इस लापरवाही के लिए कंप्यूटर असिस्टेंट अनिल कुमार को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही, उस दौरान निगरानी रखने वाले दो सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) मयंक गोस्वामी और हेमंत चौधरी के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है।

ऑडिट का दायरा और कानूनी पेच

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के दबाव के बाद शुरू हुई इस जांच में अब डेटाबेस की पूरी तरह से सफाई की जा रही है। डुप्लीकेट EPIC नंबर और रिकॉर्ड में छेड़छाड़ के आरोपों के चलते जनप्रतिनिधित्व कानून, 1950 और भारतीय न्याय संहिता के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू की गई है। चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने अब 10 अप्रैल से 21 अक्टूबर 2026 के बीच आए सभी फॉर्म-6 और फॉर्म-7 एप्लीकेशन की दोबारा जांच के आदेश दिए हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.