PhysicsWallah के रेवेन्यू में **24%** का उछाल, **₹1,054 करोड़** के पार पहुँचा

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AuthorMehul Desai|Published at:
PhysicsWallah के रेवेन्यू में **24%** का उछाल, **₹1,054 करोड़** के पार पहुँचा

PhysicsWallah ने FY27 की पहली तिमाही में **24%** की ग्रोथ के साथ **₹1,054 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है। कंपनी का नेट लॉस **30%** घटकर **₹88 करोड़** रहा। एडटेक कंपनी **₹52 करोड़** के पॉजिटिव EBITDA के साथ ऑनलाइन सेगमेंट में मजबूत ग्रोथ दर्ज कर रही है।

PhysicsWallah के नतीजों पर एक नज़र

एजुकेशन टेक्नोलॉजी (Edtech) कंपनी PhysicsWallah ने अपने FY27 की पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 24.4% की शानदार बढ़ोतरी हुई है, जो ₹1,053.95 करोड़ पर पहुँच गया है।

कंपनी के बॉटम लाइन में भी सुधार देखने को मिला है। नेट लॉस 30% कम होकर ₹88.28 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹127.01 करोड़ था। एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि कंपनी ने ₹52 करोड़ का पॉजिटिव EBITDA हासिल किया है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी का मुख्य बिजनेस इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमॉर्टाइज़ेशन को छोड़कर मुनाफा कमा रहा है।

सेगमेंट परफॉर्मेंस: ऑनलाइन की बढ़त

रेवेन्यू ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान ऑनलाइन सेगमेंट का रहा, जिसने 33.3% की सालाना वृद्धि के साथ ₹548.79 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। K-12 और अर्ली-लर्निंग कोर्सेस में छात्रों का बड़ा एनरोलमेंट इस सेगमेंट को फायदा पहुँचा रहा है। वहीं, कंपनी के ऑफलाइन सेंटरों ने भी 14.5% की बढ़ोतरी के साथ ₹489.90 करोड़ का रेवेन्यू दिया है, जो बताता है कि फिजिकल कोचिंग सेंटर अभी भी रेवेन्यू का एक अहम हिस्सा हैं।

स्ट्रेटेजिक एक्सपेंशन और बढ़ते खर्चे

PhysicsWallah सिविल सर्विसेज और UPSC की तैयारी के क्षेत्र में अपनी पैठ मजबूत कर रही है। कंपनी के बोर्ड ने ₹71.8 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है, जिससे Sarrthi IAS प्लेटफॉर्म चलाने वाली Guiding Light Education Technologies में PhysicsWallah की हिस्सेदारी 51% हो जाएगी। इस कदम से Sarrthi IAS कंपनी की सब्सिडियरी बन जाएगी।

हालांकि, कंपनी को अपने ऑपरेटिंग खर्चों का भी दबाव झेलना पड़ रहा है। शिक्षकों और कर्मचारियों पर होने वाला खर्च, यानी एम्प्लॉई बेनिफिट एक्सपेंस, इस तिमाही में ₹528.33 करोड़ रहा। इसके अलावा, मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग पर ₹128.47 करोड़ खर्च हुए। निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि पिछले मार्च तिमाही की तुलना में इस तिमाही में नेट लॉस बढ़कर ₹69 करोड़ हो गया है, जो एग्जाम साइकिल और एडमिशन के समय के अनुसार एक सामान्य उतार-चढ़ाव हो सकता है।

निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें

भविष्य में, एडटेक सेक्टर की साइक्लिकल प्रकृति निवेशकों के लिए एक बड़ा जोखिम है। NEET या सरकारी भर्तियों जैसी परीक्षाओं के शेड्यूल का अप्रत्याशित होना, एडमिशन पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, एडटेक कोचिंग मार्केट में गलाकाट प्रतिस्पर्धा है, जहाँ प्राइस वॉर के कारण प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। कंपनी के लिए, सिविल सर्विसेज जैसे नए सेगमेंट में विस्तार करते हुए अपने मैनपावर और मार्केटिंग खर्चों को मैनेज करना, आने वाली तिमाहियों में हितधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.