अमेरिकी सेना ने फोर्ट हुड हमले के दोषी निदाल मलिक हसन को **3 दिसंबर, 2026** को फांसी देने का फैसला किया है। रक्षा सचिव पेट हेगसेथ ने इसे लाइवस्ट्रीम करने का प्रस्ताव दिया है, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का अंतिम निर्णय आना अभी बाकी है।
अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने साल 2009 में फोर्ट हुड, टेक्सास में हुए नरसंहार के दोषी पूर्व आर्मी मेजर निदाल मलिक हसन की फांसी के लिए 3 दिसंबर, 2026 की तारीख तय कर दी है। यह 1961 के बाद पहली बार होगा जब अमेरिकी सेना किसी सैनिक को फांसी देगी, जिसे 'फायरिंग स्क्वाड' के जरिए अंजाम दिया जाएगा।
लाइवस्ट्रीम विवाद
रक्षा सचिव पेट हेगसेथ ने इस घटना को लाइवस्ट्रीम करने का सुझाव दिया है, ताकि चरमपंथी हिंसा के खिलाफ एक कड़ा संदेश दिया जा सके। यह अमेरिकी न्यायिक इतिहास में एक बड़ा बदलाव होगा, क्योंकि अब तक ऐसी कार्रवाई पूरी तरह निजी और गोपनीय तरीके से होती आई हैं।
कानूनी और नैतिक चुनौतियां
इस प्रस्ताव को लेकर कानूनी विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों ने तीखी आलोचना की है। आलोचकों का तर्क है कि इसे लाइव दिखाने से अमेरिका की नैतिक छवि को नुकसान हो सकता है और चरमपंथी गुट इसका उपयोग प्रोपेगेंडा के तौर पर कर सकते हैं। सैन्य नियमों के तहत भी सार्वजनिक प्रसारण की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।
फिलहाल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फांसी के फैसले का समर्थन तो किया है, लेकिन लाइवस्ट्रीम को मंजूरी देने पर अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है। दुनिया की नजरें अब व्हाइट हाउस के अगले आधिकारिक बयान और संभावित कानूनी चुनौतियों पर टिकी हैं।
