ऑडिटर ने जताई 'गोइंग कंसर्न' पर गंभीर चिंता!
Patspin India Limited के हालिया नतीजे कंपनी की गंभीर वित्तीय स्थिति की ओर इशारा कर रहे हैं। कंपनी के स्वतंत्र ऑडिटर ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीने के लिए प्रस्तुत वित्तीय परिणामों पर अपनी रिपोर्ट में, कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) यानी भविष्य में चलते रहने की क्षमता पर ही सवालिया निशान लगा दिया है। यह एक बेहद गंभीर चेतावनी मानी जाती है।
घाटे में डूबी कंपनी, नंबर्स हैं चौंकाने वाले
तीसरी तिमाही FY26 में, कंपनी की टोटल इनकम (Total Income) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 13.77% बढ़कर ₹1,256 लाख हो गई। लेकिन, टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद, कंपनी का नेट लॉस आफ्टर टैक्स (Net Loss After Tax) 16.3% बढ़कर ₹321 लाख हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹276 लाख था। नौ महीने की अवधि के लिए भी यही हाल रहा, जहां टोटल इनकम में 1.5% की मामूली बढ़ोतरी हुई, लेकिन नेट लॉस आफ्टर टैक्स 17.8% बढ़कर ₹860 लाख तक पहुंच गया।
चिंता की बात यह है कि कंपनी इस तिमाही में ₹247 लाख और नौ महीनों में ₹638 लाख का कैश लॉस (Cash Loss) झेल रही है। खर्चों पर नजर डालें तो पावर चार्जेज (Power Charges) ₹484 लाख, एम्प्लॉई बेनिफिट्स (Employee Benefits) ₹488 लाख रहे। इसके अलावा, नई लेबर कोडिंग (Labour Codes) से जुड़ी देनदारियों के लिए ₹101 लाख का प्रोविजन (Provision) भी किया गया, और फाइनेंस कॉस्ट्स (Finance Costs) ₹169 लाख रहे।
निगेटिव नेट वर्थ और सब-स्टैंडर्ड लोन
कंपनी की बैलेंस शीट (Balance Sheet) एक गंभीर तस्वीर पेश करती है। पेड-अप शेयर कैपिटल (Paid-up Share Capital) ₹3,092 लाख के मुकाबले, कंपनी का नेट वर्थ (Net Worth) ₹11,587 लाख के भारी नकारात्मक आंकड़े पर है। इस निगेटिव नेट वर्थ (Negative Net Worth) और लगातार घाटे के कारण कंपनी के खाते सब-स्टैंडर्ड (Sub-standard) कैटेगरी में चले गए हैं, जो कर्ज देने वालों के लिए एक बड़ा जोखिम है।
मैनेजमेंट की योजनाएं और ऑडिटर का संदेह
इन गंभीर परिस्थितियों के बीच, मैनेजमेंट ने अपनी कॉटन यार्न (Cotton Yarn) की मैन्युफैक्चरिंग (Manufacturing) फिर से शुरू करने की योजना बनाई है, जिससे EBITDA में सुधार और डेट सर्विसिंग (Debt Servicing) क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। साथ ही, कंपनी ने लेंडर्स (Lenders) के सामने एक नया डेट रीस्ट्रक्चरिंग (Debt Restructuring) रेजोल्यूशन प्लान (Resolution Plan) पेश किया है। इस प्लान को टेक्नो-इकोनॉमिक वायबिलिटी (TEV) स्टडी (Techno-Economic Viability Study) ने व्यवहार्य बताया है। इसमें मोरैटोरियम (Moratorium), इंटरेस्ट रेट में कमी और नई वर्किंग कैपिटल फैसिलिटी (Working Capital Facility) शामिल है।
हालांकि, ऑडिटर की 'गोइंग कंसर्न' की चेतावनी इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और कंपनी के भविष्य पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाती है। ऑडिटर की यह चेतावनी कंपनी के परिचालन (Operations) और शेयरहोल्डर वैल्यू (Shareholder Value) के लिए एक बेहद गंभीर मामला है।