नतीजों पर एक नज़र: तिमाही और 9 महीने का लेखा-जोखा
Parshva Enterprises Limited ने हाल ही में 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने अन-ऑडिटेड वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। इन नतीजों से पता चलता है कि कंपनी की पिछली तिमाही की मुनाफा कमाने की क्षमता में भारी गिरावट आई है।
तिमाही के आंकड़े (Q3 FY26):
तिमाही के दौरान, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 3.97% घटकर ₹591.45 Lakhs रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹615.75 Lakhs था। नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में भारी 49.36% की सालाना गिरावट दर्ज की गई, जो ₹8.55 Lakhs से घटकर ₹4.33 Lakhs रह गया। इसी के साथ, प्रति शेयर आय (Basic EPS) भी ₹0.09 से गिरकर ₹0.04 हो गई।
स्टैंडअलोन (Standalone) आधार पर भी स्थिति लगभग वैसी ही रही, जहाँ रेवेन्यू 3.97% घटकर ₹591.45 Lakhs रहा और नेट प्रॉफिट 49.34% गिरकर ₹4.58 Lakhs पर आ गया।
9 महीनों का प्रदर्शन:
वहीं, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 2.46% की मामूली बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹1835.03 Lakhs तक पहुंच गया। कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में 0.21% का मामूली इजाफा हुआ, जो ₹18.69 Lakhs से बढ़कर ₹18.73 Lakhs हो गया। स्टैंडअलोन नौ महीनों के लिए रेवेन्यू 2.46% बढ़कर ₹1835.03 Lakhs रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट 7.50% घटकर ₹19.47 Lakhs रहा।
तिमाही और नौ महीनों के कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन दोनों नतीजों में ₹3.21 Lakhs का एक असाधारण (Exceptional) आइटम भी दर्ज किया गया है।
कंपनी के बड़े कदम: डीमर्जर और नई सब्सिडियरी
इस वित्तीय नतीजे के साथ, कंपनी ने दो बड़े कॉर्पोरेट फैसले भी लिए हैं:
ज्वेलरी बिज़नेस का डीमर्जर: Parshva Enterprises ने अपने ज्वेलरी बिज़नेस को Simandhar Impex Limited में डीमर्ज करने की स्कीम को प्रभावी बनाया है, जो 17 अक्टूबर, 2025 से लागू है। इसके तहत, Parshva Enterprises के हर 10 शेयर रखने वाले शेयरधारकों को Simandhar Impex के 3 इक्विटी शेयर (₹10 वाले) मिले हैं। Simandhar Impex के शेयर 22 दिसंबर, 2025 को BSE लिमिटेड पर लिस्ट हुए।
रियल एस्टेट में कदम: कंपनी ने 10 नवंबर, 2023 को रियल एस्टेट (Real Estate) सेक्टर में नए बिज़नेस अवसरों की तलाश के लिए Parshva Multitrade Limited नाम से एक पूरी तरह से अपनी सब्सिडियरी (Subsidiary) भी स्थापित की है।
चिंताएं और आगे की राह
तिमाही के नतीजों में मुनाफे में आई भारी गिरावट, खासकर रेवेन्यू की तुलना में, मार्जिन में बड़ी कमी का संकेत देती है। नौ महीने की अवधि के लिए रेवेन्यू में वृद्धि के बावजूद, पिछली तिमाही में मुनाफा बुरी तरह प्रभावित हुआ। कंपनी की ओर से मैनेजमेंट गाइडेंस (Management Guidance) या भविष्य के प्रदर्शन को लेकर कोई स्पष्टता नहीं दी गई है, जिससे निवेशकों के लिए भविष्य की उम्मीदों को समझना मुश्किल हो जाता है। अन-ऑडिटेड सब्सिडियरी डेटा को शामिल करना भी एक जोखिम कारक है जिस पर नज़र रखने की ज़रूरत होगी। निवेशकों को अब Parshva Enterprises और Simandhar Impex के अलग-अलग वित्तीय प्रदर्शनों पर ध्यान देना होगा, साथ ही रियल एस्टेट में कंपनी की नई रणनीति की सफलता पर भी नज़र रखनी होगी।