NTA Exams: कोचिंग माफिया की बढ़ेगी मुश्किलें, संसदीय समिति ने की बड़े बदलाव की सिफारिश

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
NTA Exams: कोचिंग माफिया की बढ़ेगी मुश्किलें, संसदीय समिति ने की बड़े बदलाव की सिफारिश

संसदीय शिक्षा समिति ने NTA की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव का सुझाव दिया है। अब रटने के बजाय कॉन्सेप्ट्स पर आधारित परीक्षा लेने की तैयारी है, जिससे कोचिंग सेंटर्स के बिजनेस मॉडल पर सीधा असर पड़ सकता है।

बदल सकती है परीक्षाओं की सूरत

संसदीय शिक्षा समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की वर्तमान परीक्षा प्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताई है। समिति का मानना है कि JEE, NEET और CUET जैसी प्रमुख परीक्षाओं में सवाल पूछने का तरीका बहुत ही 'प्रेडिक्टेबल' हो गया है, जिससे छात्रों में रटने की प्रवृत्ति बढ़ी है। अब सरकार ऐसी व्यवस्था लाने पर विचार कर रही है जहां 'रट्टाफिकेशन' के बजाय छात्र की असली समझ (Conceptual Learning) की परीक्षा हो।

कोचिंग इंडस्ट्री पर बड़ा खतरा

देश का बड़ा कोचिंग इकोसिस्टम इन्हीं तय पैटर्न के इर्द-गिर्द खड़ा है। प्राइवेट कोचिंग सेंटर्स शॉर्टकट और पैटर्न आधारित कोचिंग देकर भारी कमाई करते हैं। यदि परीक्षा के पैटर्न को पूरी तरह से कॉन्सेप्ट-आधारित कर दिया जाता है, तो इन कोचिंग सेंटर्स के बिजनेस मॉडल के लिए बड़ा रेगुलेटरी रिस्क खड़ा हो जाएगा। समिति ने साफ कहा है कि वर्तमान व्यवस्था ने छात्रों को विषय की गहराई समझने के बजाय पैटर्न पहचानने की मशीन बना दिया है।

इन्वेस्टर्स की नजर में क्या है?

NTA की कार्यप्रणाली पहले से ही विवादों में रही है। अब इस नई रिपोर्ट के बाद मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि एजुकेशन और एड-टेक सेक्टर में आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि समिति ने यह नहीं बताया कि कोचिंग माफिया को रोकने के लिए ठोस कदम क्या होंगे, लेकिन सरकारी पॉलिसी में बदलाव का सीधा असर लिस्टेड एड-टेक कंपनियों और कोचिंग प्रोवाइडर्स के ग्रोथ प्रोस्पेक्ट्स पर पड़ेगा। निवेशकों को सरकार के अगले कदमों पर बारीकी से नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.