प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने एक चेतावनी जारी की है। सोशल मीडिया पर एक फर्जी विज्ञापन चल रहा है जिसमें AI की मदद से बनाई गई फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण की वीडियो का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह स्कीम छोटे निवेश पर भारी हफ्तेवार रिटर्न का झूठा वादा करके लोगों को फंसा रही है। सरकार ने साफ किया है कि ऐसी कोई स्कीम मौजूद नहीं है और जनता को सलाह दी है कि वे किसी भी इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म की सच्चाई सरकारी रेगुलेटर से ही पता करें।
AI का इस्तेमाल कर हो रहा है बड़ा फ्रॉड!
प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने आम जनता को एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में आगाह किया है। फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक खतरनाक कैंपेन चल रहा है, जिसमें AI का इस्तेमाल करके देश की फाइनेंस मिनिस्टर, निर्मला सीतारमण का एक डीपफेक वीडियो बनाया गया है। इस वीडियो में उन्हें एक ऐसी इन्वेस्टमेंट स्कीम का झूठा प्रचार करते हुए दिखाया जा रहा है, जो असल में एक स्कैम है।
झूठे वादों से लोगों को लुभाने की कोशिश
ये फर्जी विज्ञापन दावा कर रहे हैं कि सिर्फ ₹22,000 के छोटे से निवेश पर हफ्ते में ₹5.5 लाख तक का भारी रिटर्न मिलेगा। ये आंकड़े लोगों को लालच देकर उनसे पैसे ऐंठने के लिए बनाए गए हैं। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि न तो फाइनेंस मिनिस्टर और न ही सरकार का कोई भी विभाग इस तरह की किसी भी स्कीम से जुड़ा है और न ही इसे मंजूरी दी गई है।
टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल
यह घटना दिखाती है कि कैसे आजकल टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल करके लोगों को ठगा जा रहा है। बड़े सरकारी अधिकारियों की आवाज और तस्वीर का इस्तेमाल करके स्कैमर्स एक झूठा भरोसा बनाने की कोशिश करते हैं, जिससे आम इंसान के लिए असली और नकली सरकारी योजनाओं में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे स्कैम में सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि आपकी निजी और बैंकिंग जानकारी भी चोरी हो सकती है।
ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें?
निवेशकों के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे ऐसे लुभावने ऑफर्स के रेड फ्लैग्स को पहचानें। कोई भी इन्वेस्टमेंट स्कीम जो थोड़े ही समय में बहुत ज्यादा और तयशुदा रिटर्न का वादा करे, या फिर सोशल मीडिया पर बड़े सरकारी अधिकारियों द्वारा सपोर्ट किए जाने का दावा करे, उस पर शक करना चाहिए। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स या सरकारी बॉन्ड्स जैसे असली इन्वेस्टमेंट मार्केट इस तरह के गारंटीड और भारी रिटर्न पर काम नहीं करते। रेगुलेटर्स ऐसे मार्केटिंग तरीकों पर सख्त पाबंदी लगाते हैं।
कहां से करें वेरिफिकेशन?
किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले, आपको SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) या RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर उस कंपनी या प्लेटफॉर्म का रजिस्ट्रेशन स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए। असली फाइनेंशियल कंपनियां और इन्वेस्टमेंट एडवाइजर इन रेगुलेटर्स के पास रजिस्टर्ड होते हैं।
शिकायत कैसे करें?
अगर आपको भी ऐसे कोई संदिग्ध विज्ञापन दिखें या आप ऐसे किसी स्कैम के शिकार हुए हैं, तो तुरंत शिकायत करें। आप PIB फैक्ट चेक यूनिट को WhatsApp पर +91 8799711259 पर या ईमेल factcheck@pib.gov.in पर मैसेज भेज सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी तरह के फाइनेंशियल फ्रॉड की रिपोर्ट आप नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर भी कर सकते हैं।
