AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की धमकी दी है। उनका आरोप है कि 'फॉर्म 7' का गलत इस्तेमाल कर मुस्लिम वोटर्स के नाम मतदाता सूची (Electoral Rolls) से जानबूझकर हटाए जा रहे हैं।
चुनावी सूची में गड़बड़ी का आरोप\n\nAIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद में चल रही मतदाता सूची सुधार प्रक्रिया (Special Intensive Revision) की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। 3 अक्टूबर को उन्होंने साफ कहा कि अगर चुनाव आयोग (Election Commission) ने 'फॉर्म 7' के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो उनकी पार्टी सड़क पर उतरकर बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगी।\n\n### क्या है फॉर्म 7 का विवाद?\n\nविवाद के केंद्र में 'फॉर्म 7' है, जिसका इस्तेमाल मतदाता सूची से किसी का नाम हटवाने के लिए किया जाता है। ओवैसी का आरोप है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बिना किसी उचित पहचान सत्यापन के थोक में ये फॉर्म भर रहे हैं। उनके दावों के अनुसार, इस प्रक्रिया का इस्तेमाल एक विशेष समुदाय के वोटर्स को निशाना बनाने और उन्हें सूची से हटाने के लिए किया जा रहा है, जिसे उन्होंने 'भेदभावपूर्ण' करार दिया है।\n\n### चुनाव आयोग से सख्त सत्यापन की मांग\n\nतेलंगाना में चल रही इस पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान ओवैसी ने चेतावनी दी है कि यह सब हाशिए पर मौजूद समुदायों को बाहर करने की एक सुनियोजित कोशिश हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की है कि नाम हटाने के हर आवेदन का सख्ती से सत्यापन किया जाए और फॉर्म भरने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह पारदर्शी रखी जाए।\n\nहैदराबाद जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्र में इस तरह के राजनीतिक तनाव का असर प्रशासनिक कामकाज और नागरिक शांति पर पड़ सकता है, जिस पर निवेशकों और जानकारों की भी पैनी नजर है।