इस हफ़्ते भारतीय बाज़ार में **40 से ज़्यादा** कंपनियाँ एक्स-डिविडेंड (Ex-Dividend) होने वाली हैं। यह डिविडेंड कमाने वाले निवेशकों के लिए एक अहम हफ़्ता होगा, क्योंकि स्टॉक की कीमतों में डिविडेंड पेमेंट को दर्शाने के लिए खास एडजस्टमेंट होंगे। Mahindra & Mahindra, Bharat Forge और Shriram Finance जैसी बड़ी कंपनियों की एक्स-डिविडेंड तारीखें करीब आ रही हैं।
डिविडेंड की बहार
इस हफ़्ते भारतीय शेयर बाज़ार में जबरदस्त हलचल देखने को मिलेगी, क्योंकि 40 से ज़्यादा कंपनियाँ अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने वाली हैं। शेयरधारकों के लिए, यह वह कट-ऑफ पॉइंट है जिसके बाद उन्हें कंपनी द्वारा घोषित फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) का हक़ नहीं मिलेगा। कंपनियाँ अपने मुनाफ़े का एक हिस्सा निवेशकों में बाँट रही हैं, ऐसे में इस टाइमलाइन और स्टॉक की कीमतों पर इसके असर को समझना बहुत ज़रूरी है।
एक्स-डिविडेंड तारीख क्यों है अहम?
जब कोई कंपनी एक्स-डिविडेंड होती है, तो इसका मतलब है कि स्टॉक की ट्रेडिंग उस आने वाले डिविडेंड पेमेंट के बिना की जा रही है। अगर कोई निवेशक एक्स-डिविडेंड तारीख को या उसके बाद शेयर खरीदता है, तो उसे उस पीरियड का डिविडेंड नहीं मिलेगा। यह डिविडेंड उस व्यक्ति को जाएगा जिसने उस तारीख से पहले शेयर होल्ड किए थे। इसीलिए, डिविडेंड पाने की चाह रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक्स-डिविडेंड तारीख एक अहम ट्रैकर है।
खास स्टॉक्स और अहम तारीखें
कई बड़ी कंपनियों ने जुलाई की शुरुआत के लिए अपनी एक्स-डिविडेंड तारीखें तय कर ली हैं, जबकि कुछ जून के अंत में हैं। 3 जुलाई को, कई बड़ी कंपनियाँ एक्स-डिविडेंड होंगी, जिनमें शामिल हैं:
- Mahindra & Mahindra (M&M): कंपनी ₹33 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड दे रही है।
- Bharat Forge: इस इंजीनियरिंग कंपनी ने ₹6.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड तय किया है।
- Shriram Finance: शेयरधारकों को ₹6 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड मिलेगा।
- Union Bank of India: बैंक ने ₹5 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है।
- Thermax: कंपनी ₹14 का फाइनल डिविडेंड और ₹6 का स्पेशल डिविडेंड देगी।
वहीं, इसी हफ़्ते 29 जून को Raymond Lifestyle (₹1 प्रति शेयर), Kalpatru Projects (₹11 प्रति शेयर), Jyothy Labs (₹3.50 प्रति शेयर), और Kansai Nerolac Paints (₹2.50 प्रति शेयर) जैसी कंपनियाँ एक्स-डिविडेंड होने वाली हैं।
स्टॉक प्राइस में एडजस्टमेंट कैसे होता है?
निवेशक अक्सर एक्स-डिविडेंड तारीख पर स्टॉक की कीमतों में बदलाव देखते हैं। एक्स-डिविडेंड वाले दिन की सुबह, एक्सचेंज आमतौर पर डिविडेंड की राशि के लगभग बराबर स्टॉक की कीमत को नीचे ले आता है।
उदाहरण के लिए, अगर कोई स्टॉक एक्स-डिविडेंड होने से एक दिन पहले ₹500 पर बंद हुआ और डिविडेंड ₹10 है, तो उम्मीद है कि अगले दिन स्टॉक की ओपनिंग कम होगी, यह दर्शाते हुए कि वह कैश प्रभावी रूप से कंपनी की बुक्स से निकलकर शेयरधारकों के पास चला गया है। यह एडजस्टमेंट बाज़ार की एक स्टैंडर्ड प्रक्रिया है और यह सुनिश्चित करती है कि स्टॉक की कीमत में वह कैश शामिल न हो जो अब कंपनी के पास नहीं है।
निवेशकों को क्या ट्रैक करना चाहिए?
सिर्फ एक्स-डिविडेंड तारीख के अलावा, निवेशकों को रिकॉर्ड डेट (Record Date) पर भी ध्यान देना चाहिए। रिकॉर्ड डेट वह तारीख होती है जिस पर कंपनी यह कन्फर्म करने के लिए अपने रिकॉर्ड्स की जाँच करती है कि शेयरधारक कौन हैं। उस लिस्ट में शामिल होने के लिए, निवेशक को एक्स-डिविडेंड तारीख से पहले शेयर खरीदे होने चाहिए। इसके अलावा, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि डिविडेंड प्राप्तकर्ता के हाथों में उनके इंडिविजुअल इनकम टैक्स स्लैब के अनुसार टैक्सेबल (Taxable) होता है। इन खास राशियों और टैक्स के असर को ट्रैक करने से हफ़्ते के लिए अपने पोर्टफोलियो की उम्मीदों को मैनेज करने में मदद मिलती है।
