जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सुरक्षाबलों ने 'Operation Ashdar' के तहत जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के एक पाकिस्तानी आतंकी को मार गिराया है। ऑपरेशन के दौरान एक नाइट-विजन M4 कार्बाइन भी बरामद हुई है, जो घुसपैठ की बड़ी साजिश की ओर इशारा करती है।
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सुरक्षाबलों ने एक खुफिया इनपुट के आधार पर चलाए गए ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है। इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक पाकिस्तानी आतंकी, जिसकी पहचान यासिर के रूप में हुई है, को ढेर कर दिया गया है। यह एनकाउंटर 'Operation Ashdar' का हिस्सा था, जिसे स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG), राष्ट्रीय राइफल्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने संयुक्त रूप से सियोज धर इलाके में अंजाम दिया।
बरामद हथियार ने बढ़ाई सतर्कता
मुठभेड़ स्थल से नाइट-विजन तकनीक से लैस M4 कार्बाइन बरामद होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा संकेत है। इस तरह के अत्याधुनिक हथियारों की मौजूदगी सीमा पार से हो रही अवैध तस्करी और घुसपैठ की गंभीर चुनौती को दर्शाती है। सुरक्षाबलों द्वारा इस हथियार को जब्त करना एक बड़ी रणनीतिक जीत है, जिससे भविष्य में संभावित हमलों को टाला जा सका है।
चेनाब घाटी पर सुरक्षाबलों की पैनी नजर
डोडा और किश्तवाड़ को जोड़ने वाली चेनाब घाटी इस समय हाई-लेवल सिक्योरिटी सर्विलांस के दायरे में है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं कि इस आतंकी को स्थानीय स्तर पर कौन मदद मुहैया करा रहा था। विदेशी आतंकवादियों की आवाजाही को रोकने और उनकी लॉजिस्टिक चेन को तोड़ने के लिए इंटेलिजेंस विभाग ने अपनी कमर कस ली है।
फिलहाल, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए हाई-अलर्ट पर हैं। आने वाले दिनों में घने जंगलों में छिपे अन्य खतरों का पता लगाने के लिए इंटेलिजेंस आधारित सर्च अभियान तेज किए जाएंगे।
