जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दिल्ली में विरोध प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल करना पड़ा। पुलिस ने जंतर मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं को प्रदर्शन करने से रोक दिया था। ये नेता मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे थे।
Detailed Coverage
दिल्ली में प्रदर्शन पर रोक
नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेताओं, जिनमें पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला शामिल थे, को जंतर मंतर तक पहुंचने से सुरक्षा कर्मियों ने रोक दिया। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि उसी इलाके में एक अलग विरोध मार्च, 'चलो संसद' कार्यक्रम के कारण ये पाबंदियां लगाई गई थीं। जब पार्टी ने अपने विरोध को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में स्थानांतरित करने की कोशिश की, तो उन्हें फिर से सुरक्षा बलों ने रोक दिया।
अशोक रोड पर जारी रहा विरोध
निर्धारित विरोध स्थलों तक पहुंच से इनकार किए जाने के बाद, उमर अब्दुल्ला और उनके समर्थकों ने अशोक रोड पर एक प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने सुरक्षा प्रतिबंधों के बाद ऑटो रिक्शा का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अब्दुल्ला, जो Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त हैं, अपने बेटों के साथ यात्रा करते हुए दिखाई दे रहे थे, जबकि सुरक्षाकर्मी अन्य वाहनों में उनके पीछे चल रहे थे। विरोध प्रदर्शन में पार्टी कार्यकर्ताओं ने ऐसे प्लेकार्ड पकड़े हुए थे जिसमें जम्मू-कश्मीर क्षेत्र को पूर्ण राज्य का दर्जा वापस देने के वादों को पूरा करने की मांग की गई थी।
राजनीतिक संदर्भ और अगले कदम
यह विरोध नेशनल कॉन्फ्रेंस के उस व्यापक राजनीतिक प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत वे जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक स्थिति पर केंद्रीय सरकार से उसकी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने का दबाव बना रहे हैं। उमर अब्दुल्ला, जो सप्ताहांत में जम्मू और दिल्ली के बीच यात्रा कर रहे थे, ने संकेत दिया कि हालांकि इच्छित स्थल पर शांतिपूर्ण सभा को बाधित किया गया था, पार्टी इन मांगों को उठाने के अपने प्रयासों को जारी रखेगी। राजनीतिक माहौल मौजूदा मानसून सत्र में विधायी विकास पर केंद्रित है, जिसमें नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर के लिए राज्य का दर्जा बहाल करने को एक प्राथमिक उद्देश्य के रूप में जोर दे रही है।
