OfBusiness के मुनाफे में 21% का उछाल, रेवेन्यू घटा

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AuthorNeha Patil|Published at:
OfBusiness के मुनाफे में 21% का उछाल, रेवेन्यू घटा

OfBusiness ने वित्त वर्ष 26 (FY26) के लिए अपने शुद्ध लाभ (Net Profit) में 21% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹724 करोड़ तक पहुंच गया है। यह तब हुआ है जब कंपनी का रेवेन्यू 7% घटकर ₹20,645 करोड़ रहा। कंपनी ने अपनी लाभ मार्जिन (Profit Margin) को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है, खासकर उच्च-मूल्य वाले उत्पादों और अपनी लेंडिंग आर्म, Oxyzo को मजबूत करके। निवेशक कंपनी के नकदी-सकारात्मक (Cash-Flow Positive) संचालन की ओर बदलाव को अहम मान रहे हैं, जबकि IPO की योजना फिलहाल टाल दी गई है।

मुनाफे में कैसे आई कंपनी?

बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) कॉमर्स और लेंडिंग प्लेटफॉर्म OfBusiness ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। इस साल कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹20,645 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹22,241 करोड़ की तुलना में 7% कम है।

हालांकि, टॉप-लाइन में गिरावट के बावजूद, कंपनी अपने शुद्ध मुनाफे (Net Profit) को 21% बढ़ाने में कामयाब रही, जो पिछले साल के ₹597 करोड़ से बढ़कर ₹724 करोड़ हो गया।

मार्जिन में सुधार और कॉमर्स स्ट्रैटेजी

मुनाफे में यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कॉमर्स डिवीजन की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में आए सुधार के कारण हुई है। अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन (EBITDA) ₹575 करोड़ से बढ़कर ₹769 करोड़ हो गया। इससे ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़कर 4% हो गया, जो पिछले साल 2.6% था।

कंपनी का कहना है कि यह सुधार मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस को इंटीग्रेट करने और कम मार्जिन वाले, कम प्रोडक्टिव बिजनेस कैटेगरी से बाहर निकलने की वजह से संभव हुआ है। कंपनी ने ऐसे सेगमेंट्स से दूरी बनाई जो बॉटम लाइन में खास योगदान नहीं दे रहे थे, और अब अधिक लाभदायक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

वित्तीय स्थिति और लेंडिंग परफॉर्मेंस

मुनाफे के अलावा, कंपनी ने कैश फ्लो मैनेजमेंट में भी मजबूती दिखाई है। कॉमर्स यूनिट से ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹715 करोड़ से बढ़कर ₹1,302 करोड़ हो गया, जिससे बिजनेस ₹390 करोड़ का पॉजिटिव फ्री कैश फ्लो जेनरेट करने में सफल रहा। यह निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण मेट्रिक है, क्योंकि यह दर्शाता है कि कंपनी बाहरी पूंजी पर अधिक निर्भर हुए बिना अपने संचालन को अधिक कुशलता से फंड कर रही है।

Oxyzo, कंपनी की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सब्सिडियरी, का विस्तार जारी रहा। इस लेंडिंग आर्म के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) वित्त वर्ष के अंत तक लगभग ₹11,800 करोड़ थे, जो पिछले साल की तुलना में 28% अधिक है। सब्सिडियरी ने 3.8% का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) दर्ज किया, और एसेट क्वालिटी को बनाए रखा, जिसमें ग्रॉस बैड लोन (Gross Bad Loans) केवल 0.75% थे। नॉन-परफॉर्मिंग लोन का यह निम्न स्तर लेंडिंग के प्रति सावधानीपूर्ण दृष्टिकोण को दर्शाता है, जो B2B सप्लाई चेन स्पेस में संचालन करने वाले व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण है।

भविष्य की संभावनाएं और IPO स्टेटस

OfBusiness जनवरी 2025 में एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी बन गई, जिसे स्टॉक मार्केट लिस्टिंग की तैयारी के तौर पर देखा गया था। हालांकि, बाजार में बड़े IPO की उम्मीदें थीं, कंपनी ने इन योजनाओं को फिलहाल टालने का फैसला किया है। ₹10,300 करोड़ की कंसोलिडेटेड नेट वर्थ और ₹2,000 करोड़ से अधिक के लिक्विड एसेट्स के साथ, कंपनी फिलहाल अपने संचालन को सपोर्ट करने के लिए वित्तीय रूप से स्थिर दिखती है।

निवेशक संभवतः कंपनी की इन बेहतर मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखेंगे, क्योंकि यह अपने कॉमर्स और लेंडिंग व्यवसायों को बढ़ाना जारी रखती है। भविष्य में कैश फ्लो जनरेशन की निरंतरता और किसी भी भविष्य के पब्लिक मार्केट एंट्री के संभावित समय पर मैनेजमेंट की टिप्पणियां महत्वपूर्ण होंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.