Odisha PG Medical Exam: WhatsApp पर लीक हुआ सवाल? जांच शुरू, बढ़ाई गई सुरक्षा

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AuthorAditya Rao|Published at:
Odisha PG Medical Exam: WhatsApp पर लीक हुआ सवाल? जांच शुरू, बढ़ाई गई सुरक्षा

ओडिशा में मेडिकल पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) की परीक्षा के दौरान सवाल के कथित अनधिकृत डिजिटल ट्रांसमिशन का मामला सामने आया है। इसके चलते, अधिकारी इस घटना की जांच में जुट गए हैं।

परीक्षा में अनियमितता का खुलासा

ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (Odisha University of Health Sciences) हाल ही में हुई मेडिकल पोस्टग्रेजुएट जनरल सर्जरी MD/MS परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है। खबर है कि परीक्षा चल रही थी और उम्मीदवार एग्जाम दे रहे थे, उसी दौरान प्रश्न पत्र एक WhatsApp ग्रुप पर लीक हो गया। इस खुलासे के बाद यूनिवर्सिटी और सरकारी अधिकारियों ने मिलकर इसकी तह तक जाने के लिए एक औपचारिक जांच शुरू की है।

'लीक' या 'ट्रांसमिशन'?

अधिकारियों ने इस घटना को पारंपरिक प्रश्न पत्र लीक से अलग बताया है। MKCG मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के चेयरमैन, प्रोफेसर हरेकृष्णा दलाई के अनुसार, एक सामान्य लीक का मतलब होता है कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही पेपर बाहर चला जाता है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह सवाल लगभग सुबह 9:58 बजे परीक्षा हॉल के बाहर भेजा गया था, यानी उस समय जब छात्रों को प्रश्न पत्र पहले ही बांटे जा चुके थे। इसलिए, इसे परीक्षा शुरू होने से पहले की सुरक्षा सेंधमारी के बजाय, परीक्षा के दौरान हुई अनधिकृत ट्रांसमिशन की घटना माना जा रहा है।

जांच के कदम और सुरक्षा में इजाफा

इन घटनाओं के जवाब में, यूनिवर्सिटी ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई और तत्काल सुधारात्मक उपाय लागू किए। अब जांच का मुख्य फोकस डिजिटल फुटप्रिंट पर है। जांचकर्ता उस खास WhatsApp ग्रुप और मोबाइल नंबरों का पता लगा रहे हैं जिनका इस्तेमाल मैसेज फैलाने में हुआ। इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन रिकॉर्ड्स का विश्लेषण करके, अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह कोई अकेला मामला था या परीक्षा की निष्पक्षता को भंग करने का कोई बड़ा संगठित प्रयास।

आगे किसी भी समस्या को रोकने के लिए, ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज के अधीन संस्थानों ने और सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाए हैं। इसमें परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल फोन और अन्य सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी शामिल है। इन उपायों का उद्देश्य मेडिकल पोस्टग्रेजुएट परीक्षाओं के बाकी शेड्यूल के लिए अकादमिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना है। डिजिटल सबूतों की जांच अभी जारी है, और अधिकारियों ने संकेत दिया है कि परीक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए वे तैयार हैं। परीक्षा परिणामों पर अंतिम प्रभाव इस जारी प्रशासनिक और डिजिटल जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.