इस फाइनेंशियल ईयर (FY26) में ONGC, Wipro और Indus Towers ने फ्री कैश फ्लो (Free Cash Flow) के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यह दिखाता है कि ये कंपनियां अपनी कमाई को असली नकदी में बदलने में कामयाब रही हैं।
ONGC: एनर्जी सेक्टर से बंपर कैश
भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी ONGC ने FY26 में ₹49,793 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 29.9% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू ₹6,62,247 करोड़ रहा। इस दौरान ONGC ने ₹59,510 करोड़ का फ्री कैश फ्लो जनरेट किया, जो पिछले तीन सालों का कुल ₹1,70,629 करोड़ है। हालांकि, कच्चा तेल उत्पादन बढ़ाना एक चुनौती है, लेकिन कंपनी ऑफशोर और गैस प्रोजेक्ट्स पर फोकस कर रही है। ONGC ने इसी अवधि में ₹16,669 करोड़ का डिविडेंड (Dividend) भी बांटा है।
Wipro: एसेट-लाइट मॉडल से कैश कनवर्ज़न
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Wipro Limited ने FY26 में ₹92,624 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल से 4% अधिक है। नेट प्रॉफिट मामूली बढ़कर ₹13,266 करोड़ रहा। कंपनी ने ₹13,447 करोड़ का फ्री कैश फ्लो जनरेट किया, जो इसके नेट इनकम का 112.6% रहा। इस मजबूत परफॉर्मेंस से कंपनी ₹15,000 करोड़ के शेयर बायबैक जैसे कैपिटल एलोकेशन की स्ट्रैटेजी पर आगे बढ़ सकती है।
Indus Towers: टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती
टेलीकॉम ऑपरेटर्स को इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराने वाली Indus Towers का ग्रॉस रेवेन्यू FY26 में 7.9% बढ़कर ₹32,500 करोड़ हो गया। पिछले साल के बड़े वन-ऑफ राइट-बैक्स के कारण रिपोर्टेड प्रॉफिट में गिरावट दिखी, लेकिन नॉर्मलाइज्ड प्रॉफिट 13% बढ़ा। कंपनी ने ₹7,786 करोड़ का फ्री कैश फ्लो जनरेट किया, जो इसके 2,64,500 टावरों के बड़े नेटवर्क का नतीजा है। कंपनी सोलर पावर जैसे एनर्जी एफिशिएंसी उपायों से कॉस्ट कटिंग पर काम कर रही है। साथ ही, जाम्बिया में नए लाइसेंस के साथ अंतरराष्ट्रीय विस्तार की भी योजना है, और युगांडा व नाइजीरिया जैसे बाजारों में एंट्री की प्रक्रिया चल रही है।
