ग्लोबल बायो-सॉल्यूशन कंपनी Novonesis भारत में एक बड़ा निवेश करने जा रही है। कंपनी पाटलगंगा में **€600 मिलियन** यानी करीब **₹6,600 करोड़** की लागत से एक विशाल एंजाइम मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करेगी, जो 2030 तक शुरू हो जाएगा।
इमर्जिंग मार्केट्स के लिए नया हब
पाटलगंगा में बनने वाला यह नया प्लांट मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और दक्षिण एशिया के लिए एक 'सेंट्रल सप्लाई हब' के तौर पर काम करेगा। इस कदम से कंपनी को न केवल लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि इन तेजी से बढ़ते बाजारों में ऑपरेशनल फुर्ती भी आएगी। भारत सरकार की BioE3 पॉलिसी का भी इस प्रोजेक्ट को पूरा समर्थन मिल रहा है, जिससे घरेलू बायो-इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा।
कंपनी की फाइनेंशियल सेहत
यह बड़ा निवेश कंपनी के मजबूत फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड के बीच आया है। साल 2026 की पहली छमाही में कंपनी ने 8% की ऑर्गेनिक सेल्स ग्रोथ दर्ज की है, जिसके बाद कंपनी ने अपने पूरे साल के आउटलुक को 7-8% के दायरे में अपग्रेड किया है। कंपनी के मुनाफे की बात करें तो, Adjusted EBITDA मार्जिन 37-38% के उच्च स्तर पर रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी ने अगस्त 2026 में €1 बिलियन का अपना पहला शेयर बायबैक प्रोग्राम भी घोषित किया था, जो इसके पास मौजूद भारी कैश रिजर्व को दर्शाता है।
जोखिम और चुनौतियां
हालांकि यह निवेश लंबी अवधि के लिए काफी सकारात्मक है, लेकिन इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं, जैसे निर्माण में देरी या बजट का बढ़ना। इसके अलावा, कंपनी की नजरें विकसित बाजारों की सुस्त रफ्तार के मुकाबले उभरते बाजारों पर टिकी हैं। करेंसी में होने वाले उतार-चढ़ाव भी कंपनी के ग्लोबल ऑपरेशंस पर असर डाल सकते हैं, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
