Live News ›

Novo Nordisk का बड़ा दांव! Ozempic-Wegovy के दाम 48% तक घटे, भारत में जेनेरिक्स से जंग की तैयारी

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Novo Nordisk का बड़ा दांव! Ozempic-Wegovy के दाम 48% तक घटे, भारत में जेनेरिक्स से जंग की तैयारी
Overview

Novo Nordisk ने भारतीय बाजार में अपने मशहूर डायबिटीज और मोटापे की दवाओं Ozempic और Wegovy की कीमतों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है। कंपनी **1 अप्रैल 2026** से इन दवाओं की कीमत **48%** तक कम कर देगी।

क्यों ले रही है Novo Nordisk ये बड़ा फैसला?

यह कदम सीधा भारतीय दवा कंपनियों को टक्कर देने के लिए उठाया गया है। 20 मार्च 2026 को Novo Nordisk के इन दवाओं पर से पेटेंट (patent) खत्म होने के ठीक बाद, कई भारतीय कंपनियां सस्ती सेमाग्लूटाइड (semaglutide) दवाएं बाजार में उतारने की तैयारी में हैं। कंपनी का कहना है कि इन दवाओं की कीमतों में कमी लाने का मकसद इन्हें 'अधिक लोगों के लिए सुलभ बनाना' है, लेकिन असलियत में यह जेनेरिक्स (generics) के मुकाबले अपनी बाजार हिस्सेदारी बचाने की लड़ाई है।

नई कीमत क्या होगी?

इस प्राइस कट के बाद Ozempic की शुरुआती डोज 36% तक सस्ती हो जाएगी, जबकि Wegovy की शुरुआती डोज में 48% की कमी आएगी। इससे इन दवाओं की साप्ताहिक लागत करीब ₹1,415 तक पहुंच जाएगी। वहीं, भारतीय कंपनियां प्रति माह ₹1,290 जितनी कम कीमत पर जेनेरिक दवाएं पेश कर सकती हैं।

भारतीय बाजार में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

पेटेंट खत्म होते ही भारत की लगभग 40 दवा कंपनियां सेमाग्लूटाइड के जेनेरिक वर्जन लॉन्च करने की योजना बना रही हैं। इनमें सन फार्मा (Sun Pharma), डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज (Dr. Reddy's Laboratories), ज़ाइडस लाइफसाइंसेज (Zydus Lifesciences), और टॉरेंट फार्मास्युटिकल्स (Torrent Pharmaceuticals) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। ये कंपनियां मौजूदा कीमतों से 60-70% तक कम दाम पर दवाएं बेचेंगी। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज को 'Olymviq' ब्रांड की बिक्री रोकने का आदेश दिया था, क्योंकि इसका नाम Ozempic से काफी मिलता-जुलता है।

निवेशकों की चिंताएं और कंपनी की आगे की रणनीति

Novo Nordisk की Ozempic और Wegovy ने 2024 में दुनियाभर में $30 बिलियन से अधिक का राजस्व (revenue) कमाया था। ऐसे में भारतीय बाजार की यह नई चुनौती कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन (profit margin) पर असर डाल सकती है। कंपनी का मौजूदा ग्लोबल प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो करीब 9.94 है, जो इसके पांच साल के औसत से काफी कम है, जिससे निवेशकों को भविष्य की ग्रोथ को लेकर चिंताएं सता रही हैं। गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने भी कंपनी के टारगेट प्राइस को $41 पर लाते हुए इस पर सतर्क रहने की सलाह दी है।

इन चुनौतियों के बीच, Novo Nordisk भारत में अपनी दवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए Emcure Pharmaceuticals के साथ साझेदारी कर रही है और Poviztra® नाम से वेगोवी का दूसरा ब्रांड पेश करने वाली है। कंपनी ओरल (oral) एंटी-ओबेसिटी दवाओं को भी लॉन्च करने की तैयारी में है। डायबिटीज और मोटापे की दवाओं का यह भारतीय बाजार 2024 में $110.55 मिलियन का था और 2033 तक इसके $190 मिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.