Northeastern University और University of London ने हैदराबाद में अपने पहले विदेशी कैंपस खोलने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। यह कदम तेलंगाना सरकार के उस महत्वाकांक्षी प्लान का हिस्सा है, जिसके तहत वे राज्य को एजुकेशन हब बनाकर **$1 ट्रिलियन** की इकॉनमी का लक्ष्य हासिल करना चाहते हैं।
तेलंगाना सरकार के हालिया 10 दिवसीय डिप्लोमैटिक और ट्रेड मिशन के बाद यह बड़ा फैसला सामने आया है। अमेरिका और यूके के दौरों के जरिए राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को भारत लाने की कोशिश में जुटी है।
क्या है पूरा प्लान?
बोस्टन स्थित Northeastern University ने हैदराबाद के प्रस्तावित 'भारत फ्यूचर सिटी' (Bharat Future City) में कैंपस खोलने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) साइन किया है। वहीं, University of London भी अपने अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों के प्रोग्राम्स को हैदराबाद में लाने पर काम कर रही है। सरकार केवल इन्हीं दो तक सीमित नहीं है, बल्कि London School of Economics, SOAS और Harvard University के साथ भी एग्जीक्यूटिव एजुकेशन और रिसर्च के लिए बातचीत जारी है।
चुनौतियां और रेगुलेटरी पेंच
हालांकि यह सुनने में काफी प्रभावशाली है, लेकिन जमीन पर उतरने के लिए इन यूनिवर्सिटीज को University Grants Commission (UGC) के सख्त नियमों का पालन करना होगा। इसमें फैकल्टी रिक्रूटमेंट, फीस का ढांचा, और एकेडमिक ऑटोनॉमी जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ये अभी केवल शुरुआती चरण (LoI) में हैं। जमीन के अधिग्रहण से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट तक में देरी और लागत (Cost) का दबाव हो सकता है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि सरकार इन वैश्विक मानकों को कैसे पूरा करती है और कब पहली एकेडमिक क्लासेस शुरू होती हैं।
