Nobel Hygiene IPO: ₹150 करोड़ जुटाएगी कंपनी, एक्सपेंशन और कर्ज चुकाने की तैयारी!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nobel Hygiene IPO: ₹150 करोड़ जुटाएगी कंपनी, एक्सपेंशन और कर्ज चुकाने की तैयारी!

बच्चों के डायपर के लिए जानी जाने वाली कंपनी Nobel Hygiene ने IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर SEBI में फाइल किए हैं। कंपनी **₹150 करोड़** जुटाकर अपने हलाल प्लांट का विस्तार और कर्ज चुकाने की योजना बना रही है। FY26 में कंपनी का मुनाफा बढ़कर **₹18.9 करोड़** हो गया है।

IPO का पूरा प्लान

भारत में डिस्पोजेबल हाइजीन प्रोडक्ट्स बनाने वाली प्रमुख कंपनी Nobel Hygiene ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अपने ड्राफ्ट पेपर्स जमा कर दिए हैं। 'फ्रेंड्स' (Friends) ब्रांड के एडल्ट डायपर के लिए मशहूर यह कंपनी फ्रेश इक्विटी शेयर्स जारी कर ₹150 करोड़ जुटाना चाहती है। इस कदम से कंपनी अपनी कैपिटल स्ट्रक्चर को मजबूत करने और प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाने की कोशिश में है।

इस पब्लिक इश्यू में ₹150 करोड़ के फ्रेश इश्यू के साथ-साथ मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 1.55 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल है। इसमें Orbit Investment Holdings (Quadria Capital के फंड्स मैनेज करने वाली), Sixth Sense Ventures और Bennett Trading LLP जैसे बड़े निवेशक शामिल हैं।

फंड का इस्तेमाल

इस फंडरेज़िंग का एक बड़ा हिस्सा कंपनी के कर्ज को चुकाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। फ्रेश इश्यू से मिलने वाले कुल पैसों में से करीब ₹42 करोड़ का इस्तेमाल बकाया लोन चुकाने में होगा। जून 2026 तक कंपनी पर कुल ₹114.3 करोड़ का कर्ज था। इसके अलावा, लगभग ₹71.3 करोड़ का सबसे बड़ा हिस्सा कैपेसिटी बढ़ाने पर खर्च किया जाएगा। इसमें गुजरात के हलाल प्लांट में एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाना और एडल्ट डायपर के लिए एक नई प्रोडक्शन लाइन खरीदना शामिल है, ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

वित्तीय नतीजे और चुनौतियां

कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों में सुधार दिखा है। मार्च 2026 को खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर में Nobel Hygiene ने ₹18.9 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के ₹0.2 करोड़ के मुकाबले काफी बड़ी बढ़ोतरी है। इसी अवधि में रेवेन्यू भी बढ़कर ₹846.8 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹739.1 करोड़ था।

इन सबके बावजूद, कंपनी एक बेहद कॉम्पिटिटिव मार्केट में काम करती है। बेबी डायपर सेगमेंट में इसे Pampers और Huggies जैसे बड़े ग्लोबल ब्रांड्स से कड़ी टक्कर मिलती है। साथ ही, कंपनी का मुनाफा इनपुट कॉस्ट्स पर भी निर्भर करता है। मैन्युफैक्चरिंग के लिए वुड पल्प और सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर्स जैसे कच्चे माल की जरूरत होती है, और इनकी कीमतों या फॉरेन एक्सचेंज रेट्स में उतार-चढ़ाव से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि कंपनी प्रोडक्शन बढ़ाने और प्रतिस्पर्धा का सामना करते हुए अपने मार्जिन को कैसे बचा पाती है।

इस IPO प्रक्रिया को ICICI Securities, Motilal Oswal Investment Advisors और SBI Capital Markets लीड कर रहे हैं। अब निवेशकों को मार्केट रेगुलेटर की ओर से आने वाले सुझावों, प्राइस बैंड की फाइनल जानकारी और शेयर सब्सक्रिप्शन की डेट्स का इंतजार रहेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.