19 अगस्त, 2026 को भारतीय शेयर बाजारों में लगातार सातवें दिन गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक तनावों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। जहां डिफेंस और एनर्जी शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, वहीं Shiprocket और Behari Lal Engineering जैसे नए IPOs ने शानदार वापसी की।
लगातार सातवें दिन गिरी भारतीय शेयर बाजार
19 अगस्त, 2026 को भारतीय शेयर बाजारों ने लगातार सातवें कारोबारी सत्र में अपनी गिरावट जारी रखी। वैश्विक चुनौतियों के बीच निवेशक सतर्क बने रहे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 325.78 अंक यानी 0.42% की गिरावट के साथ 76,909.68 पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 76.60 अंक या 0.32% की कमजोरी के साथ 24,078.30 पर बंद हुआ, जो 24,100 के मनोवैज्ञानिक स्तर से काफी नीचे है।
क्यों आई बिकवाली?
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी गई। इसका मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं, जो $92 प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष जैसी भू-राजनीतिक तनावों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ा दी है। बढ़ती वैश्विक बॉन्ड यील्ड भी निवेशकों को चिंतित कर रही है, क्योंकि उच्च यील्ड अक्सर उभरते शेयर बाजारों से पैसा खींच लेती है।
सेक्टर्स का प्रदर्शन
दिन के दौरान विभिन्न सेक्टर्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। हाल के दिनों में मजबूत तेजी दिखाने वाले डिफेंस स्टॉक्स में मुनाफावसूली (Profit-taking) देखने को मिली और ये 1.5% तक गिर गए। एनर्जी स्टॉक्स भी 1.2% की गिरावट के साथ संघर्ष करते दिखे, क्योंकि बाजार ने कच्चे माल की बढ़ती लागत पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। हालांकि, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर ने कुछ राहत प्रदान की और बाजार की गिरावट को कुछ हद तक संभाला।
रुपये पर दबाव
शेयर बाजारों की कमजोरी के साथ-साथ भारतीय रुपये पर भी दबाव देखा गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 8 पैसे कमजोर होकर 95.76 पर बंद हुआ। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का एक और कारण है, क्योंकि कमजोर मुद्रा कंपनियों के लिए आयात लागत बढ़ा सकती है।
नए IPOs की शानदार शुरुआत
बाजार की समग्र निराशा के बावजूद, हाल ही में लिस्ट हुए इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग्स (IPOs) ने निवेशकों का ध्यान खींचा। Shiprocket ने NSE पर 42% की बढ़त के साथ ₹142.90 पर अपना शानदार डेब्यू किया। इसी तरह, Behari Lal Engineering को भी बाजार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और यह इश्यू प्राइस की तुलना में 61% से अधिक के प्रीमियम पर ₹509 पर बंद हुआ।
आगे क्या?
बाजार विश्लेषक अब निफ्टी के लिए 24,000 के स्तर पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। तकनीकी चार्ट बताते हैं कि यदि इंडेक्स इस सपोर्ट एरिया को बनाए रखने में विफल रहता है, तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। निवेशक कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति में किसी भी विकास पर भी नजर रखेंगे, क्योंकि ये कारक वर्तमान में बाजार की धारणा को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
