सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स और निफ्टी लगातार पांचवें दिन लाल निशान पर बंद हुए, जिसका मुख्य कारण आईटी (IT) शेयरों में आई बड़ी बिकवाली रही। विदेशी निवेशकों (FIIs) ने जहां ₹2,535 करोड़ के शेयर बेचे, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹5,101 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया।
क्यों गिरी बाजार में चाल?
सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजारों के लिए थोड़ी धीमी रही। सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 281.09 अंक गिरकर 77,728.16 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 78.35 अंक की गिरावट के साथ 24,287.65 पर बंद हुआ। इन दोनों प्रमुख सूचकांकों पर सबसे ज्यादा दबाव इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर की कंपनियों का रहा, जिसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2% तक नीचे आ गया। वैश्विक स्तर पर टेक खर्च और मांग को लेकर चिंताएं इस गिरावट का कारण बनीं।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की चाल
बाजार में बिकवाली का दबाव तब भी बना रहा जब विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने इस सत्र के दौरान भारतीय शेयरों में ₹2,535.10 करोड़ की नेट बिकवाली की। हालांकि, इस बिकवाली को घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने अपने ₹5,101.50 करोड़ की नेट खरीद से काफी हद तक संभाल लिया। यह पैटर्न दिखाता है कि कैसे वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच, विदेशी फंड फ्लो और स्थानीय लिक्विडिटी के बीच एक संतुलन बनाने की कोशिश हो रही है।
कंपनियों के स्तर पर हलचल
कॉर्पोरेट जगत की खबरों ने भी सोमवार को व्यक्तिगत शेयरों की चाल को प्रभावित किया। सीगॉल इंडिया (Ceigall India) के शेयर चर्चा में रहे क्योंकि दिल्ली पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (DPWD) ने ₹330.84 करोड़ का एक रोड इंफ्रास्ट्रक्चर टेंडर रद्द कर दिया। कंपनी ने डॉक्यूमेंट्री कारणों से इस रद्द करने की बात कही, जो इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में ऑर्डर मिलने और अनुबंध की स्थिरता से जुड़े जोखिमों को उजागर करता है।
वहीं, टाटा संस (Tata Sons) की आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर भी सबकी नजरें टिकी हैं, जो 18 अगस्त, 2026 को होनी है। उम्मीद है कि कोरम (quorum) की कमी के चलते इस मीटिंग को स्थगित करना पड़ सकता है। यह सब तब हो रहा है जब सर रतन टाटा ट्रस्ट (Sir Ratan Tata Trust) पर नियामक कार्रवाई के चलते शेयरधारक प्रतिनिधित्व और ग्रुप के गवर्नेंस प्रोसेस में गतिरोध पैदा हो गया है।
एक अन्य कॉर्पोरेट खबर में, संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल (Samvardhana Motherson International) ने शेन्ज़ेन ऑटोक्रूइस टेक्नोलॉजी (Shenzhen Autocruis Technology) में 3 मिलियन चीनी युआन में 0.15% अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है। ऑटो-टेक स्पेस में अपनी पहुंच बढ़ाने के कंपनी के प्रयासों को यह छोटी हिस्सेदारी वृद्धि दर्शाती है।
निवेशक अब इन विकासों के साथ-साथ अमेरिकी आर्थिक वृद्धि और कमोडिटी की कीमतों जैसे वैश्विक संकेतों के व्यापक बाजार प्रभाव का आकलन कर रहे हैं। हालिया अर्निंग्स सीजन लगभग समाप्त हो चुका है, और बाजार अब प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, ऑर्डर बुक अपडेट और संभावित नियामक परिवर्तनों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। अगले कुछ सत्रों में मुख्य बात यह होगी कि अगर वैश्विक सेंटीमेंट दबाव में रहता है तो क्या घरेलू खरीदारी की ताकत बाजार को बनाए रख पाती है।
