Nifty की 7 दिन की गिरावट खत्म! 24,231 के पार बाजार, इन सेक्टर्स में लौटी रौनक

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nifty की 7 दिन की गिरावट खत्म! 24,231 के पार बाजार, इन सेक्टर्स में लौटी रौनक

भारतीय शेयर बाज़ार में आज बड़ी राहत मिली। Nifty 50 में **7** दिन की लगातार गिरावट पर रोक लगी और इंडेक्स **0.64%** चढ़कर **24,231** पर बंद हुआ। बाजार की घबराहट (Volatility Index) में भारी कमी आई, जिससे रियलटी, आईटी और एफएमसीजी जैसे सेक्टर्स में खरीददारी लौटी।

बाजार में लौटी उम्मीदें

20 अगस्त 2026 को भारतीय शेयर बाज़ार ने पिछले 7 सत्रों से जारी गिरावट का अंत किया। Nifty 50 में 0.64% का उछाल देखा गया और यह 24,231.85 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, बैंक निफ्टी (Bank Nifty) में भी 0.45% की बढ़ोतरी हुई और यह 57,495.90 पर रहा। घरेलू बाज़ारों में हुई खरीददारी और यूएस ट्रेज़री की बायबैक घोषणाओं के बाद बॉन्ड बाज़ार की चिंताओं में आई कमी जैसे ग्लोबल संकेतों ने रिकवरी में अहम भूमिका निभाई।

सेक्टर्स का हाल और घबराहट में गिरावट

आज की तेज़ी में रियलटी, आईटी, एफएमसीजी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर्स सबसे आगे रहे। इससे यह साफ है कि तेज़ी किसी एक बड़े स्टॉक तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाज़ार में व्यापक सुधार देखने को मिला। मार्केट की घबराहट (Market Volatility) का सूचकांक, इंडिया VIX (India VIX), 6.63% गिरकर 10.57 पर आ गया। यह पिछले हफ़्ते की बिकवाली के दौरान देखी गई घबराहट में बड़ी कमी का संकेत देता है।

आगे क्या? बाज़ार की चाल और जोखिम

हालांकि, पॉजिटिव क्लोजिंग के बावजूद, टेक्निकल इंडिकेटर्स (Technical Indicators) बता रहे हैं कि इंडेक्स अभी भी 24,000 और 24,600 के बीच कंसॉलिडेशन (Consolidation) के दौर में है। 24,200 के स्तर को वापस पाना एक पॉजिटिव संकेत है, लेकिन इस तेज़ी को बनाए रखना ज़रूरी होगा। विश्लेषकों का कहना है कि अगर इंडेक्स 24,265 के ऊपर टिकने में कामयाब नहीं होता है, तो यह वापस रेंज-बाउंड (Range-bound) पैटर्न में जा सकता है, जहां 24,000 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम करेगा।

निवेशक बाहरी कारकों पर भी नज़र बनाए हुए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव एक अहम मुद्दा है, क्योंकि किसी भी बड़ी घटना से मार्केट का सेंटिमेंट (Sentiment) बिगड़ सकता है। इसके अलावा, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा जोखिम बनी हुई हैं। आने वाले सत्रों में बाज़ार इन स्तरों को बनाए रख पाएगा या नहीं, यह घरेलू खरीददारी और ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक (Macroeconomic) फैक्टर्स के सपोर्ट पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.