Nifty IT Index में 3% का उछाल! बाजार में लौटी रौनक, जानें वजह

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AuthorMehul Desai|Published at:
Nifty IT Index में 3% का उछाल! बाजार में लौटी रौनक, जानें वजह

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शानदार रिकवरी देखने को मिली। खासकर आईटी (IT) शेयरों में **3%** की तेजी रही, वहीं ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent crude) की कीमतें गिरकर **$87.3** प्रति बैरल पर आ गईं। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर आने वाले फैसले पर नजरें टिकाए हुए हैं।

Detailed Coverage

आईटी सेक्टर में आई तेजी

मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी आई। सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी (Nifty) दोनों शुरुआती नुकसान से उबरकर हरे निशान में बंद हुए। इस रिकवरी का नेतृत्व सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) सेक्टर ने किया, जिसने एशियाई बाजारों के विपरीत प्रदर्शन किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 3% चढ़ गया।

यह तेजी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) की ओर से सेक्टर को 'अंडरवेट' से 'न्यूट्रल' रेटिंग मिलने के बाद आई है। प्रमुख आईटी कंपनियों में, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) 4.4% बढ़ी, जबकि एचसीएलटेक (HCLTech), टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) और इंफोसिस (Infosys) के शेयरों में क्रमशः 3.2%, 2.8% और 2.7% की उछाल देखी गई। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि भारतीय आईटी कंपनियों की ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में कम सीधी हिस्सेदारी उन्हें वैश्विक अस्थिरता से बचा रही है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर

बाजार के सेंटिमेंट को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 1.2% की गिरावट ने भी सहारा दिया, जो $87.3 प्रति बैरल के करीब आ गईं। ऊर्जा लागत में यह कमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक है, क्योंकि भारत एक बड़ा तेल आयातक देश है। यह राहत आपूर्ति श्रृंखलाओं (supply chains) को लेकर सकारात्मक कूटनीतिक चर्चाओं की रिपोर्ट के बाद आई है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर नजर

निवेशकों का ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के आगामी नीतिगत फैसले पर है। उम्मीद की जा रही है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को स्थिर रखेगा, जो उभरते बाजारों के इक्विटी के लिए आम तौर पर अनुकूल माना जाता है। हालांकि, फेड की मुद्रास्फीति (inflation) पर टिप्पणी को लेकर बाजार में सतर्कता बनी हुई है, खासकर भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए।

तकनीकी तौर पर, निफ्टी 10-दिवसीय और 20-दिवसीय मूविंग एवरेज (moving averages) के आसपास प्रतिरोध (resistance) का सामना कर रहा है। यदि निफ्टी 23,800 और 23,891 के सपोर्ट लेवल को बनाए रखता है, तो यह निकट भविष्य में गिरावट को सीमित करने में मदद कर सकता है। आने वाले सत्रों में फेडरल रिजर्व के आधिकारिक नीतिगत बयान पर निवेशकों की बारीक नजर रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.