Nifty IT Index में तूफानी तेजी, बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद

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AuthorMehul Desai|Published at:
Nifty IT Index में तूफानी तेजी, बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद

आज शेयर बाजार में मिली-जुली चाल देखने को मिली। बैंकिंग और FMCG शेयरों में गिरावट के चलते बाजार मामूली नुकसान के साथ बंद हुआ, लेकिन IT सेक्टर ने बाजी मारी। Nifty IT इंडेक्स **3.32%** चढ़ गया, जिससे निवेशकों को कुछ राहत मिली।

Detailed Coverage

IT सेक्टर बना बाजार का हीरो

दिन के कारोबार में IT सेक्टर सबसे चमका, Nifty IT इंडेक्स 3.32% की जोरदार बढ़त के साथ बंद हुआ। इस तेजी की वजह से बाकी सेक्टर्स की गिरावट का असर कम हो गया। Wipro के शेयर 4.39% चढ़े, तो Tech Mahindra में 3.53% की तेजी आई। Infosys और HCLTech जैसे दिग्गजों ने भी 2.40% और 1.91% की बढ़त दर्ज की।

क्यों चमका IT सेक्टर?

विश्लेषकों का मानना है कि इस तेजी का मुख्य कारण 'डिफेंसिव' स्टॉक्स की ओर निवेशकों का झुकाव है। IT कंपनियां, जिनका बिजनेस मॉडल एसेट-लाइट होता है, यानी जिनके पास फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च कम होता है, अनिश्चितता के समय में ज्यादा सुरक्षित मानी जाती हैं। हाल में IT शेयरों में आई गिरावट ने इनके वैल्युएशन्स (Valuations) को भी आकर्षक बना दिया था, जिससे ये निवेशकों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना बन गए।

FMCG और बैंकिंग में बिकवाली

IT सेक्टर की मजबूती के बावजूद, अन्य प्रमुख सेक्टर्स में बिकवाली का दबाव बना रहा। FMCG सेक्टर 1.38% नीचे गिरा। Hindustan Unilever के शेयर 7.12% लुढ़क गए, जिसका मुख्य कारण कंपनी के तिमाही नतीजे रहे। बैंकिंग शेयरों पर भी दबाव देखा गया, ICICI Bank के शेयर 1.81% गिरे।

पावर और मेटल सेक्टर में भी बिकवाली हुई। NTPC 2.11%, Power Grid 1.19% और Tata Steel के शेयरों में भी गिरावट आई। वहीं, Nifty Smallcap 100 इंडेक्स 0.22% लुढ़का, जबकि Nifty Midcap 50 इंडेक्स में 0.22% की मामूली बढ़त रही।

आगे क्या?

बाजार पर वैश्विक संकेतों का भी असर रहा। ब्रेंट क्रूड ऑयल 3% गिरकर $85.86 प्रति बैरल पर आ गया, जिससे भारत को फायदा होता है और रुपया मजबूत होता है। रुपया डॉलर के मुकाबले 95.8525 के स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे अच्छा स्तर है। हालांकि, बाजार अभी भी एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है। अब निवेशकों की नजरें अमेरिका, यूके और जापान के सेंट्रल बैंकों की आगामी पॉलिसी मीटिंग्स पर टिकी हैं, जिनसे ब्याज दरों (Interest Rates) को लेकर आगे की दिशा तय हो सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.