भारतीय शेयर बाजार ने महीने की शानदार शुरुआत की है। Nifty 50 इंडेक्स **1.6%** की बढ़त के साथ **24,774** पर बंद हुआ, जो पिछले 5 महीनों का उच्चतम स्तर है। तेल की गिरती कीमतों और फॉरेन इन्वेस्टर्स की लगातार खरीदारी ने बाजार को यह ऊंचाई दी है।
70 दिनों के कंसोलिडेशन को तोड़ा
भारतीय शेयर बाजार ने अगस्त महीने की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ की है। Nifty 50 इंडेक्स ने 70 दिनों के कंसोलिडेशन (Consolidation) फेज को तोड़ते हुए 1.6% की छलांग लगाई और 24,774 के स्तर पर बंद हुआ। यह मार्च 2026 की शुरुआत के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। 24 जुलाई को बाजार में आई गिरावट के बाद से इसने 1,100 अंकों से ज्यादा की रिकवरी दर्ज की है।
तेजी के पीछे के कारण
इस तेजी के पीछे कई वजहें रहीं:
- कमजोर तेल की कीमतें: जियो-पॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tension) कम होने से ग्लोबल ऑयल प्राइसेज (Global Oil Prices) में गिरावट आई है। भारत जैसे एनर्जी-इंपोर्टिंग देश के लिए, तेल की कीमतें गिरना इकोनॉमी और कंपनियों के मुनाफे के लिए अच्छा संकेत माना जाता है।
- FII की खरीदारी: फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की तरफ से लगातार खरीदारी जारी है, जिसने मार्केट सेंटीमेंट को मजबूती दी है।
- मजबूत रुपया: डॉलर के मुकाबले रुपये में आई मजबूती ने भी बाजार को सहारा दिया।
तकनीकी स्तर (Technical Levels) और सपोर्ट
टेक्निकल चार्ट्स पर Nifty 50 अपने 200-दिन के एक्सपोनेन्शियल मूविंग एवरेज (Exponential Moving Average) को पार कर चुका है। मोमेंटम को मापने वाला RSI (Relative Strength Index) 66.87 पर पहुंच गया है, जो खरीदारी की मजबूती को दर्शाता है।
ऑप्शन डेटा (Option Data) के अनुसार, 24,500 से 24,600 का जोन इमीडिएट सपोर्ट का काम कर रहा है। अगले साइकोलॉजिकल लेवल 25,000 तक पहुंचने के लिए इंडेक्स को इन सपोर्ट लेवल्स के ऊपर बने रहना होगा।
Bank Nifty की चाल
बैंक निफ्टी (Bank Nifty) ने भी इस रैली में पूरा साथ दिया और 1.72% की बढ़त के साथ 58,248 पर बंद हुआ। अब यह 58,500 के लेवल की ओर बढ़ रहा है, जिसे एनालिस्ट्स एक अहम रेजिस्टेंस मान रहे हैं। अगर बैंक निफ्टी 58,700 के ऊपर टिकता है, तो यह 59,200 तक जा सकता है। नीचे की ओर, 57,700 से 57,800 का जोन सपोर्ट का काम करेगा।
आगे क्या?
फिलहाल बाजार में बुलिश मोमेंटम (Bullish Momentum) दिख रहा है, लेकिन इंडिया VIX (India VIX), जो मार्केट की वोलैटिलिटी (Volatility) मापता है, 11.92 पर बना हुआ है। यह दर्शाता है कि निवेशक अचानक बड़ी गिरावट से ज्यादा चिंतित नहीं हैं।
बाजार पर नजर रखने वालों को आगे ऑयल की कीमतों पर और FIIs की खरीदारी पर ध्यान देना होगा। यह देखना अहम होगा कि Nifty 24,800 से 25,000 के रेजिस्टेंस जोन को बिना किसी बड़ी बिकवाली के पार कर पाता है या नहीं।
