भारतीय शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन गिरावट दर्ज की गई। Nifty 50 इंडेक्स आज **0.32%** गिरकर **24,288** पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
बाजार पर भू-राजनीतिक तनावों का साया
आज यानी 17 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव साफ देखने को मिला। Nifty 50 इंडेक्स 0.32% की गिरावट के साथ 24,288 के स्तर पर बंद हुआ। यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र है जब बाजार में गिरावट आई है। दिन के दौरान, इंडेक्स 24,226.95 के निचले स्तर तक भी गिर गया था, लेकिन अंत में कुछ संभलकर बंद हुआ।
क्यों गिरी बाजार में?
बाजार में आई इस कमजोरी की मुख्य वजह वैश्विक अनिश्चितता है। निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों पर बारीक नजर रख रहे हैं। इन तनावों से ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय कंपनियों की परिचालन लागत को बढ़ा सकती हैं, जिससे उनके मुनाफे पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, भारतीय रुपये में भी कमजोरी देखी जा रही है, जो बाजार सहभागियों के लिए एक और चिंता का विषय बन गई है।
24,200 का सपोर्ट स्तर कितना अहम?
तकनीकी रूप से, ट्रेडर्स 24,200 के स्तर पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। यह एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है, जहां ऐतिहासिक रूप से खरीदारी में दिलचस्पी देखी गई है। यदि Nifty इस स्तर से नीचे फिसल जाता है और उबरने में नाकाम रहता है, तो यह और बिकवाली का संकेत दे सकता है, जिससे इंडेक्स 24,000 के स्तर की ओर बढ़ सकता है। वहीं, 24,400 से 24,500 का स्तर रेसिस्टेंस (जहां बिकवाली बढ़ सकती है) का काम कर सकता है।
सेक्टर्स का प्रदर्शन
आज के सत्र में विभिन्न सेक्टर्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। IT स्टॉक्स Nifty 50 पर दबाव बनाने वाले मुख्य कारक रहे। व्यापक आर्थिक चिंताओं के बीच निवेशक इस सेक्टर के ग्रोथ आउटलुक को लेकर सतर्क हैं। वहीं, मेटल और बैंकिंग स्टॉक्स में कुछ खरीदारी देखी गई, जिसने बाजार को और बड़ी गिरावट से बचाने में मदद की।
आगे क्या?
आने वाले दिनों में निवेशकों को वैश्विक भू-राजनीतिक हालात और कच्चे तेल की कीमतों के रुझान पर ध्यान देना होगा। घरेलू स्तर पर, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि Nifty 24,200 के सपोर्ट स्तर को बनाए रख पाता है या नहीं। अगर वैश्विक अनिश्चितता बनी रहती है, तो बाजार में कंसोलिडेशन (एक दायरे में कारोबार) और सावधानी का दौर जारी रहने की संभावना है।
