3 जुलाई को Nifty 50 में **0.4%** की बढ़त दर्ज हुई, लेकिन अब यह **24,400** के अहम रेजिस्टेंस लेवल पर है। वहीं, Bank Nifty इंडेक्स में **0.16%** की मामूली गिरावट देखी गई, जो इसकी रफ्तार धीमी होने के संकेत दे रहा है। निवेशक अब इन लेवल्स पर नजर बनाए हुए हैं कि क्या मार्केट अपने हालिया तेजी के ट्रेंड को जारी रखेगा या कंसॉलिडेशन फेज में प्रवेश करेगा।
Nifty 50 को 24,400 पर मिली चुनौती
3 जुलाई को Nifty 50 लगातार तीसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ, जिसमें 0.4% की तेजी देखी गई। बाजार की सकारात्मक भावना को स्थिर तेल कीमतों और लो इंडिया VIX का समर्थन मिला। इस प्रगति के बावजूद, इंडेक्स 24,400 के आसपास एक दीवार से टकरा गया, जहां इंट्राडे में प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking) हुई। ट्रेडर्स और निवेशक इस लेवल पर कड़ी नजर रख रहे हैं, क्योंकि यह आगे की ऊपर की ओर गति के लिए एक महत्वपूर्ण बाधा के रूप में काम कर रहा है।
टेक्निकल (Technical) नजरिए से, Nifty 50 वर्तमान में अपने 20, 50, और 100-दिन के मूविंग एवरेज (Moving Average) से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो आम तौर पर एक पॉजिटिव अंडरलाइंग ट्रेंड का संकेत देता है। हालांकि, 24,200 के स्तर के पास एक बियरिश कैंडल (Bearish Candle) का बनना बताता है कि ब्रेकआउट पर दबाव आ सकता है। मजबूत अपवर्ड मोमेंटम (Upward Momentum) हासिल करने के लिए, इंडेक्स को 24,400 के हर्डल को निर्णायक रूप से पार करना होगा। यदि यह ऐसा करने में विफल रहता है, तो विश्लेषक अक्सर 24,200 और 24,100 के स्तर पर सपोर्ट की तलाश करते हैं। महत्वपूर्ण 24,000 के स्तर से नीचे की गिरावट इंडेक्स के लिए गहरे कंसॉलिडेशन फेज (Consolidation Phase) का संकेत दे सकती है।
Bank Nifty में दिख रही थकान
जबकि Nifty 50 ने मजबूती दिखाई है, Bank Nifty 3 जुलाई को अंडरपरफॉर्म (Underperform) करते हुए 0.16% की गिरावट के साथ बंद हुआ। इस गिरावट ने एक बियरिश कैंडल बनाई है, जो बैंकिंग स्पेस में प्रतिभागियों के बीच एक सतर्क मूड को दर्शाती है। हालांकि इंडेक्स अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है - लगातार 10-दिन EMA द्वारा समर्थित - अन्य टेक्निकल सिग्नल (Technical Signal) चेतावनी दे रहे हैं।
रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI), जो मूल्य आंदोलनों की गति और परिवर्तन को मापता है, 60 से ऊपर बना हुआ है, फिर भी यह अपने सिग्नल लाइन के नीचे गिर गया है। इसके अतिरिक्त, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) इंडिकेटर (Indicator) एक बियरिश क्रॉसओवर (Bearish Crossover) के करीब पहुंच रहा है। यह बताता है कि पिछले सत्रों में देखी गई मजबूत ऊपर की ओर बढ़ने वाली ताकत कुछ हद तक कम हो रही है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए
इन इंडेक्स को देखने वाले निवेशकों को ऑप्शन्स मार्केट (Options Market) से ओपन इंटरेस्ट (Open Interest) डेटा पर ध्यान देना चाहिए। Nifty 50 के लिए, 24,500 स्ट्राइक प्राइस पर भारी कॉल ओपन इंटरेस्ट (Call Open Interest) है, जो बताता है कि कई मार्केट पार्टिसिपेंट्स (Market Participants) उम्मीद करते हैं कि यह लेवल फिलहाल एक सीलिंग (Ceiling) के रूप में काम करेगा। इसके विपरीत, 24,000 स्ट्राइक पर अधिकतम पुट ओपन इंटरेस्ट (Put Open Interest) देखा जा रहा है, जो इंडेक्स के लिए एक मजबूत फ्लोर (Floor) के रूप में कार्य करता है।
Bank Nifty के लिए, 58,000 स्ट्राइक वर्तमान में ध्यान का केंद्र है। यह कॉल और पुट दोनों के लिए उच्चतम ओपन इंटरेस्ट रखता है, जो इसे शॉर्ट-टर्म डायरेक्शन (Short-term Direction) के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्तर बनाता है। जैसे-जैसे बाजार इन रेजिस्टेंस और सपोर्ट जोन (Support Zone) में नेविगेट करता है, मुख्य निगरानी यह होगी कि क्या Nifty 24,200 से ऊपर अपनी स्थिति बनाए रख सकता है और क्या Bank Nifty अपने मोमेंटम इंडिकेटर्स पर बियरिश क्रॉसओवर से बच सकता है।
