Nifty 50 की शानदार चाल जारी! 24,400 की ओर बढ़ेगा इंडेक्स? जानें सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Nifty 50 की शानदार चाल जारी! 24,400 की ओर बढ़ेगा इंडेक्स? जानें सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स

भारतीय शेयर बाजार में मजबूती का दौर जारी है। Nifty 50 अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो एक स्थिर चाल का संकेत दे रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और इंडिया VIX (India VIX) के शांत रहने से बाजार का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है। निवेशक अब **24,400** के लेवल पर नजर रख रहे हैं, जबकि **24,100** का जोन एक महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम कर रहा है।

Nifty 50 की टेक्निकल चाल

भारतीय इक्विटी मार्केट एक मजबूत पैटर्न दिखा रहा है, जहां Nifty 50 अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है। पिछले कारोबारी सत्र में इंडेक्स 67 पॉइंट चढ़कर 24,317 पर बंद हुआ था। बाजार की इस स्थिरता में शांत इंडिया VIX का बड़ा योगदान है, जो बाजार की अस्थिरता को ट्रैक करता है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की स्थिर कीमतों से घरेलू महंगाई पर लगाम लगी हुई है।

आगे क्या?

Nifty 50 अपनी ऊपर की ओर चाल बनाए रखने के लिए 24,400 के लेवल को अगला टारगेट मान रहा है। अगर इंडेक्स इस लेवल से ऊपर टिका रहता है, तो यह 24,500 से 24,600 की रेंज की ओर बढ़ सकता है, जो पहले एक मजबूत रेजिस्टेंस जोन रहा है। वहीं, नीचे की ओर 24,100 से 24,200 का एरिया सबसे महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल है। यदि यह सपोर्ट बना रहता है, तो इंडेक्स में और मजबूती आ सकती है। ऑप्शन मार्केट के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पुट कॉल रेशियो (Put Call Ratio) 1.29 है, जो एक सकारात्मक दृष्टिकोण का संकेत देता है। 24,000 और 24,200 के स्ट्राइक प्राइस पर बड़ा पुट ओपन इंटरेस्ट (Put Open Interest) जमा है, जिससे पता चलता है कि मार्केट पार्टिसिपेंट्स इन लेवल्स को सपोर्ट मान रहे हैं।

बैंक निफ्टी और मार्केट की चौड़ाई

जहां Nifty 50 मजबूत दिख रहा है, वहीं बैंक निफ्टी (Bank Nifty) कंसोलिडेशन फेज में फंसा हुआ है। बैंकिंग इंडेक्स 57,148 पर बंद हुआ था, जो कि मामूली गिरावट दर्शाता है। मोमेंटम पाने के लिए बैंक निफ्टी को 57,300 के हर्डल को निर्णायक रूप से पार करना होगा। ऐसा होने पर यह 57,800 से 58,000 की रेंज की ओर बढ़ सकता है। नीचे की ओर, 56,500 से 56,650 का जोन प्राइमरी सपोर्ट एरिया के तौर पर देखा जा रहा है।

हालांकि ब्रॉडर मार्केट इंडेक्स पॉजिटिव मोमेंटम दिखा रहा है, लेकिन पिछले सत्र में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर मार्केट की चौड़ाई थोड़ी नेगेटिव रही, जिसमें एडवांस शेयरों की तुलना में डिक्लाइन शेयरों की संख्या अधिक थी। इससे पता चलता है कि इंडेक्स-हेवीवेट स्टॉक्स तो संभले हुए हैं, लेकिन ब्रॉडर मार्केट में चुनिंदा भागीदारी ही है।

निवेशकों को इंडेक्स के सपोर्ट लेवल को डिफेंड करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। भविष्य की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि Nifty 50 24,200 से ऊपर बना रहता है या नहीं, और बैंक निफ्टी अपने मौजूदा कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ पाता है या नहीं। कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल मार्केट के संकेतों पर नजर रखना भी अहम होगा, क्योंकि ये बाहरी कारक भारतीय इक्विटी स्पेस में शॉर्ट-टर्म सेंटिमेंट को प्रभावित कर सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.