21 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट का दूसरा दिन रहा। Nifty 50 इंडेक्स **0.2%** गिरकर **24,200** के नीचे बंद हुआ, जबकि Bank Nifty में भी **0.2%** की नरमी देखी गई। इंडिया VIX में गिरावट से बाजार में सावधानी का संकेत मिल रहा है।
Detailed Coverage
बाजार की चाल और अहम लेवल्स
21 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजारों ने एक सीमित दायरे में कारोबार किया। Nifty 50 इंडेक्स 0.2% की मामूली गिरावट के साथ 24,200 का स्तर बनाए रखने में नाकाम रहा। यह लगातार दूसरा सत्र था जब इंडेक्स में मामूली गिरावट दर्ज की गई, और यह पिछले दिन के दायरे में ही ट्रेड करता रहा, जो खरीदारों या विक्रेताओं की ओर से किसी मजबूत दिशात्मक संकेत की कमी को दर्शाता है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, Nifty 50 अपनी 100-दिनों की एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज से ऊपर बना हुआ है, जो बाजार के मध्यम अवधि के स्वास्थ्य का संकेत देता है। 24,100 का स्तर तत्काल सपोर्ट के रूप में काम करेगा, जबकि 24,000 के करीब एक मजबूत बेस बन सकता है। ऊपरी स्तर पर, इंडेक्स 24,300 से 24,400 के दायरे में रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है।
Bank Nifty का प्रदर्शन भी कुछ ऐसा ही रहा, जिसमें सत्र के दौरान 0.2% की गिरावट आई। इंडेक्स ने एक ग्रेवस्टोन डोजी पैटर्न बनाया, जो एक तकनीकी संकेत है कि निवेशक ऊंची कीमतों पर हिचकिचाहट दिखा रहे हैं, जिससे उच्च स्तर पर बिकवाली हो रही है।
मार्केट सेंटिमेंट और वोलेटिलिटी
बाजार की भावना संकेतकों से निवेशकों के लिए मिली-जुली तस्वीर सामने आ रही है। Nifty पुट-कॉल रेशियो 1.28 से गिरकर 1.01 पर आ गया है, जो आक्रामक ट्रेडिंग पोजीशन में नरमी का संकेत देता है। वहीं, इंडिया VIX (मार्केट वोलेटिलिटी गेज) लगभग 3% गिरकर 12.6 पर पहुंच गया। कम VIX आम तौर पर बताता है कि निवेशक फिलहाल बाजार में बड़े, अचानक उतार-चढ़ाव की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।
ऑप्शंस डेटा के अनुसार, 24,200 स्ट्राइक प्राइस कॉल और पुट ऑप्शंस दोनों के लिए सबसे अधिक ओपन इंटरेस्ट का केंद्र बना हुआ है। इससे पता चलता है कि ट्रेडर्स उम्मीद कर रहे हैं कि बाजार निकट भविष्य में इसी स्तर के आसपास बना रहेगा। Bank Nifty के लिए, 59,000 को रेजिस्टेंस और 58,000 को सपोर्ट माना जा रहा है।
निवेशक आने वाले दिनों में यह देखेंगे कि क्या ये इंडेक्स अपने संकीर्ण दायरे से बाहर निकल पाते हैं। 100-दिन की मूविंग एवरेज से ऊपर Nifty की स्थिति बनाए रखने की क्षमता व्यापक बाजार के रुझान के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक बनी हुई है।
