पिछले हफ्ते Nifty 50 में **2.6%** की शानदार तेजी देखने को मिली। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि बड़े निवेशकों (institutional investors) ने इंडेक्स फ्यूचर्स में अपनी बियरिश पोजीशन (bearish positions) को कम कर दिया है। ऑप्शन्स डेटा से पता चलता है कि पुट राइटिंग (put writing) बढ़ी है, जो बाजार में नियर-टर्म स्टेबिलिटी (near-term stability) को लेकर बढ़ता भरोसा दिखा रही है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या Nifty फ्यूचर्स **24,600** के रेजिस्टेंस लेवल को पार कर सकता है।
भारतीय इक्विटी मार्केट (Indian equity markets) ने हफ्ते के आखिर में एक पॉजिटिव मोड़ लिया है, जहां Nifty 50 इंडेक्स 2.6% चढ़ा, वहीं Nifty बैंक इंडेक्स में 1% का इजाफा हुआ। यह रिकवरी पिछले हफ्ते की बिकवाली के दबाव से अलग है और डेरिवेटिव्स डेटा में एक खास बदलाव से मजबूत हुई है। यह डेटा बताता है कि ट्रेडर्स भविष्य की मार्केट मूवमेंट के लिए खुद को कैसे पोजीशन कर रहे हैं।
बड़े निवेशकों ने घटाई बियरिश पोजीशन
एक्सचेंज के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने अपनी बियरिश पोजीशन (bearish bets) को काफी हद तक कम कर दिया है। खास तौर पर, इंडेक्स फ्यूचर्स में नेट शॉर्ट पोजीशन 36% घटकर 1.73 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स पर आ गई है। इसी तरह, इंडेक्स कॉल ऑप्शन्स में भी नेट शॉर्ट पोजीशन 29% घटी है। जब प्रोफेशनल इन्वेस्टर्स अपनी शॉर्ट पोजीशन कम करते हैं, तो यह अक्सर बाजार में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम होने का संकेत देता है।
ऑप्शन्स मार्केट में बढ़ा भरोसा
इंडेक्स फ्यूचर्स से परे, ऑप्शन्स मार्केट की एक्टिविटी भी एक कंस्ट्रक्टिव टोन (constructive tone) दिखा रही है। पुट-कॉल रेशियो (PCR), जो सेंटीमेंट को मापने का एक अहम पैमाना है, Nifty अगस्त सीरीज के लिए 1.14 पर आ गया है, जबकि सितंबर सीरीज में यह 1.41 पर मजबूत दिख रहा है। एक हाई PCR, खासकर पुट ऑप्शन राइटिंग बढ़ने के कारण, यह बताता है कि ट्रेडर्स प्रोटेक्शन बेचने में अधिक सहज हो रहे हैं, और वे उम्मीद कर रहे हैं कि मार्केट या तो मौजूदा स्तरों पर बना रहेगा या ऊपर जाएगा।
ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण लेवल्स
मार्केट पार्टिसिपेंट्स के लिए, अब फोकस टेक्निकल लेवल्स पर है जो अगली चाल तय कर सकते हैं। अगस्त के लिए Nifty फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट (outstanding contracts की कुल संख्या) में 60% का उछाल देखा गया है, जो नए पार्टिसिपेशन की ओर इशारा करता है। अब इस कॉन्ट्रैक्ट के सामने 24,600 पर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस लेवल है। अगर इंडेक्स इस लेवल के ऊपर टिका रहता है, तो फोकस 25,000 के लेवल की ओर शिफ्ट हो सकता है। नीचे की ओर, 21-दिन का मूविंग एवरेज 24,240 पर सपोर्ट का काम कर रहा है, और 24,000 पर एक और सपोर्ट लेवल है।
इसके विपरीत, बैंक निफ्टी (Bank Nifty) ने अधिक सतर्क ट्रेंड दिखाया है। अगस्त फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट 55% बढ़ा है, लेकिन इंडेक्स 57,000 से 57,600 की रेंज में ट्रेड कर रहा है। मार्केट पार्टिसिपेंट्स 58,000 के रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर एक निर्णायक मूव का इंतजार कर रहे हैं ताकि एक मजबूत ट्रेंड की पुष्टि हो सके, जबकि सपोर्ट 57,000 और 56,500 पर बना हुआ है। Nifty और बैंक निफ्टी के बीच का यह अंतर बताता है कि इन्वेस्टर्स को ओवरऑल इंडेक्स मूवमेंट के साथ-साथ सेक्टर-स्पेसिफिक परफॉर्मेंस पर भी नजर रखनी होगी।
