भारतीय शेयर बाजार में आज थोड़ी नरमी दिखी। Nifty 50 इंडेक्स **32** अंक गिरकर **24,399** पर बंद हुआ। निवेशक **24,500** के अहम स्तर पर मुनाफावसूली कर रहे हैं। ग्लोबल टेंशन और यूएस फेड की मीटिंग मिनट्स का इंतजार बाजार को सतर्क कर रहा है।
बाजार में क्यों आई नरमी?
हालिया तेजी के बाद, निवेशकों ने 24,500 के साइकोलॉजिकल लेवल के करीब मुनाफावसूली करने का मन बनाया। इसकी वजह से Nifty 50 इंडेक्स 32 अंकों की गिरावट के साथ 24,399 पर बंद हुआ। यह 0.13% की मामूली नरमी थी। इंडेक्स अपने इंट्रा-डे के उच्चतम स्तर 24,500 को बनाए रखने में नाकाम रहा, जिसे अब एक अहम शॉर्ट-टर्म रेजिस्टेंस माना जा रहा है।
ग्लोबल फैक्टर का असर
बाजार में इस सतर्कता के पीछे कई ग्लोबल कारण भी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते जियो-पॉलिटिकल टेंशन का असर अब भारतीय बाजारों पर भी दिखने लगा है। इसके अलावा, निवेशक यूएस फेडरल रिजर्व की आने वाली FOMC मीटिंग के मिनट्स का इंतजार कर रहे हैं, जिससे उन्हें ब्याज दरों को लेकर कोई नई दिशा मिल सके। इन ग्लोबल संकेतों और हालिया रैली के कारण, ट्रेडर्स ने थोड़ा डिफेंसिव रुख अपनाया है।
टेक्निकल लेवल्स पर नजर
टेक्निकल एनालिस्ट्स की नजरें इंडेक्स के अहम लेवल्स पर टिकी हुई हैं। Nifty 50 के लिए 24,200 का लेवल एक इमीडिएट सपोर्ट का काम कर रहा है। अगर इंडेक्स इससे नीचे जाता है, तो 20-दिन EMA जो कि 24,000 के करीब है, वह एक मजबूत सपोर्ट की तरह काम कर सकता है। वहीं, 24,500 से 24,600 का जोन एक बार फिर से सेलिंग प्रेशर का एरिया बन सकता है।
बैंकिंग सेक्टर का हाल
बैंकिंग इंडेक्स, Bank Nifty, भी 91 अंकों की गिरावट के साथ 58,201 पर बंद हुआ, जो 0.16% की नरमी है। यह इंडेक्स फिलहाल एक रेंज में ट्रेड कर रहा है, जिसके ऊपर 58,700-58,900 का रेजिस्टेंस और नीचे 57,850 व 57,450 का सपोर्ट लेवल है। प्राइवेट बैंकों ने पब्लिक सेक्टर बैंकों के मुकाबले बेहतर परफॉरमेंस दिखाई है।
आगे क्या?
NSE पर आज गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से ज्यादा रही। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि मीडियम-टर्म ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है। Nifty अपने की-मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। आगे बाजार की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि इंडेक्स अपने मौजूदा रेंज से बाहर निकल पाता है या नहीं। 24,200 के सपोर्ट लेवल और ग्लोबल डेवलपमेंट पर नजर रखना अहम होगा।
